अब दो घंटे में तय होगीकाशी से अयोध्या की दूरी

हाई स्पीड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर
से रामनगरी का सफर होगा आसान

सिक्स लेन का 200 किलोमीटर
लंबा होगा प्रस्तावित कॉरिडोर

वाराणसी।धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी के लिए बड़ी सौगात के रूप में अयोध्या–वाराणसी हाई स्पीड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर की योजना आकार लेने लगी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए कंसल्टेंट एजेंसी के चयन हेतु निविदा आमंत्रित की है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अवनीश सिद्धार्थ के अनुसार कंसल्टेंट एजेंसी के चयन के बाद सर्वे एवं डीपीआर तैयार करने में लगभग डेढ़ वर्ष का समय लगेगा। प्रस्तावित कॉरिडोर सिक्स लेन का होगा और इसकी लंबाई लगभग 200 किमी होगी। इसके निर्माण से वाराणसी से अयोध्या की दूरी करीब 50 किमी कम हो जाएगी और यह सफर मात्र दो घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में यह दूरी तय करने में चार से पांच घंटे का समय लगता है।
इस कॉरिडोर से काशी और अयोध्या के बीच आवागमन सुगम होने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। रामनगरी, काशी और चित्रकूट जैसे प्रमुख तीर्थ आपस में सीधे जुड़ जाएंगे।
नमामि गंगे (भाजपा) के जिला संयोजक बृजेश त्रिपाठी के अनुसार दो वर्ष पूर्व केंद्र सरकार द्वारा ड्रोन सर्वे कराया गया था। मयाबाजार ब्लॉक के बबुआपुर व वंदनपुर क्षेत्र से यह कॉरिडोर अंबेडकरनगर जिले में प्रवेश करेगा। रामपुर हलवारा इसका जीरो प्वाइंट होगा। दशरथ समाधि से सीधा जुड़ाव होने से वाराणसी से अयोध्या पहुंचना और अधिक आसान होगा।

*प्रयागराज और चित्रकूट
से भी जुड़ेगायह कॉरिडोर

यह कॉरिडोर आगे चलकर पूर्वांचल, प्रयागराज और चित्रकूट से भी जुड़ेगा, जिससे काशी–अयोध्या–चित्रकूट का धार्मिक सर्किट मजबूत होगा।
हालांकि कॉरिडोर के निर्माण में अभी समय लगेगा, लेकिन इससे पहले 67 किमी लंबा अयोध्या रिंग रोड वर्ष 2027 तक पूरा होने की संभावना है। करीब 2500 करोड़ रुपये की इस परियोजना से अयोध्या के साथ-साथ गोंडा और बस्ती जिले भी जुड़ेंगे, जिससे पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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