सत्य को अधिक दिनों तक धुंधला करके कोई नहीं रख सकताः सीएम योगी

श्रीरामलला प्राण-प्रतिष्ठा वर्षगांठ पर बोले मुख्यमंत्री
सनातन धर्म के स्थलों के लिए प्रेरणा बनेगा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर

अयोध्या, 11 जनवरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सत्य को अधिक दिनों तक धुंधला करके कोई नहीं रख सकता। सत्य एक दिन अवश्य प्रकट होता है। आज देश और दुनिया रामजन्मभूमि पर प्रभु श्रीरामलला के भव्य मंदिर के रूप में इस सत्य को देख रही है।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण न केवल दबी-कुचली सभ्यताओं और संस्कृतियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह दिखाता है कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अधिकार प्राप्त किए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला के श्रीविग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर आयोजित प्रतिष्ठा-द्वादशी कार्यक्रम में कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन धैर्य और दृढ़ विश्वास का प्रतीक है। यह संघर्ष अग्निपरीक्षा से गुज़रते हुए भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।

धैर्य और अग्निपरीक्षा का संघर्ष

मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 दिसंबर 1949 को श्रीरामलला का प्रकटीकरण रामजन्मभूमि आंदोलन की पृष्ठभूमि को मजबूती प्रदान करता है। इसके बाद भी कई तिथियां आईं, जब न्यायसंगत तरीके से धैर्य का परिचय दिया गया। सभी भारतवासियों का एक ही ध्येय था—प्रभु श्रीरामलला का भव्य मंदिर।

पीएम मोदी ने किया प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य

सीएम योगी ने कहा कि 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति से निर्णय सुनाया कि रामजन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनाया जाए। 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन कर मंदिर निर्माण का शुभारंभ किया। 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री ने संतों और देश के सभी वर्गों की उपस्थिति में श्रीरामलला को उनकी जन्मभूमि में प्रतिष्ठित कराया।

दस वर्ष पहले कोई अयोध्या के अधिकार की कल्पना नहीं कर सकता था

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज अयोध्या में औसतन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु प्रतिदिन आ रहे हैं। 2014-2017 से पहले अयोध्या को केवल तीन-चार घंटे बिजली मिलती थी। राम की पैड़ी में सरयू का जल सड़ता था, और हजारों वर्षों बाद भी यहां एयरपोर्ट नहीं था। आज अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट, आधुनिक सड़कें और साफ-सुथरे घाट हैं, जो त्रेतायुग का अहसास कराते हैं।

नवीन अयोध्या: राष्ट्रीय एकात्मता का प्रतीक

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या देश की पहली सौर ऊर्जा संचालित सिटी बन चुकी है। यह नए भारत और नए उत्तर प्रदेश का प्रतीक है। यह बदलाव वर्षों के संघर्ष और बलिदान से संभव हुआ। हजारों रामभक्त और संत इस आंदोलन का हिस्सा रहे।

अनगिनत बलिदानों का ऋण

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उन रामभक्तों और संतों के ऋणी हैं जिन्होंने 1528 से लेकर 1992 तक हर 15-20 वर्षों में संघर्ष किया। हर बार वे शासन तंत्र को अपनी भाषा में समझाने का प्रयास करते रहे। उनका केवल एक ही उद्देश्य था—राममंदिर का निर्माण।

विश्व की सबसे वैभवशाली नगरी बनेगी अयोध्या

सीएम योगी ने कहा कि जो अयोध्या पांच-दस साल पहले देखी गई थी, आज उससे बिल्कुल अलग है। आने वाले वर्षों में रामजन्मभूमि का परिसर दुनिया का सबसे सुंदरतम और धार्मिक धाम बनेगा।

न्यास ने दिन-रात किया संघर्ष

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने दिन-रात मेहनत कर मंदिर को भव्य रूप देने का काम किया। इस परिसर को सनातन धर्म के धार्मिक स्थलों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनाने के प्रयास जारी हैं।

राष्ट्रीय एकात्मता का आह्वान

सीएम योगी ने कहा कि विभाजित समाज में देवस्थलों का अपमान होता है। राष्ट्रीय एकात्मता के सूत्र में बंधने से ही देश और धर्म मजबूत होंगे। प्रतिष्ठा-द्वादशी राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत करने का संदेश देती है।

राम और राष्ट्र एक-दूसरे के पूरक

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान कहा था कि राम राष्ट्र के प्रतीक हैं। राम हैं तो राष्ट्र है, और राष्ट्र है तो राम हैं। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।

महाकुंभ में आमंत्रण

सीएम ने सभी से प्रयागराज महाकुंभ में भाग लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में आस्था और आधुनिकता का संगम देखने को मिलेगा।

हनुमानगढ़ी में किया दर्शन-पूजन

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की।

प्रतिष्ठा-द्वादशी कार्यक्रम में कई संतों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन सनातन धर्म के गौरव को और मजबूत करेगा।

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