
वाराणसी। नगर निगम वाराणसी ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए कूड़ा प्रबंधन की दिशा में नई पहल शुरू की है। अब शहर में कचरे के उचित निस्तारण और ‘सोर्स सेग्रिगेशन’ को बढ़ावा देने के लिए चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन वितरित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि घरों से निकलने वाले कचरे को शुरुआत में ही अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर निस्तारित किया जा सके।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम का लक्ष्य है कि प्रत्येक घर से निकलने वाला कचरा गीला, सूखा और अन्य श्रेणियों में पहले से ही अलग किया जाए। इसके लिए नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। घरों के बाहर जागरूकता स्टिकर लगाए जा रहे हैं, ताकि लोग कूड़े के पृथक्करण के महत्व को समझें और इसका पालन करें।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लोगों को इस अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जो नागरिक कूड़े के पृथक्करण के नियमों का पालन कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, जबकि जो लोग अभी तक इसमें सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें जागरूक किया जाए।
अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने भी निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक वार्ड में चार प्रकार के डस्टबिन उपलब्ध कराए जाएं। अभियान के पहले चरण में हर वार्ड के कम से कम 30 ऐसे भवन स्वामियों को चिन्हित किया जाएगा जो कूड़े के पृथक्करण को अपनाने के लिए तैयार हैं। इन घरों को मॉडल के रूप में डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर दिए जाएंगे, ताकि अन्य लोग भी इससे प्रेरित हो सकें।
नगर निगम अधिकारियों को डस्टबिन वितरण और स्टिकर लगाने की फोटो सहित रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके लिए विशेष व्हाट्सएप समूह और तय प्रारूप के माध्यम से निगरानी की जा रही है। निगम का मानना है कि जनभागीदारी से ही स्वच्छ और स्वस्थ काशी का सपना साकार हो सकता है।
