
उत्तर प्रदेश में इस वर्ष मानसून ने चार से पांच दिन की देरी से दस्तक दी है। सामान्यत: राज्य में मानसून का आगमन 13 जून तक हो जाता है, लेकिन इस बार यह 17-18 जून के आसपास सक्रिय हुआ। मानसून की शुरुआत के साथ ही बुधवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे सोनभद्र, बलिया, मऊ और गाजीपुर में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों के लिए राज्य में व्यापक वर्षा की चेतावनी जारी की है।
भारतीय मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार, प्रदेश में मानसून अब तेज गति से आगे बढ़ेगा और गुरुवार से वर्षा की तीव्रता में भी वृद्धि देखने को मिलेगी। लखनऊ समेत 40 से अधिक जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। यह स्थिति रविवार तक बनी रह सकती है। अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ-साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की यह तेज़ गतिविधि पूर्वी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर धीरे-धीरे पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ेगी। इसके प्रभाव से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। बारिश की इस लहर से किसानों को भी फायदा पहुंचेगा क्योंकि खरीफ की बुवाई के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। धान, मक्का और अरहर जैसी फसलों की बुआई मानसून की पहली अच्छी बारिश के साथ शुरू होती है।
हालांकि, मौसम विभाग ने चेताया है कि जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है, वहां जलभराव, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने जैसी घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। प्रशासन ने भी संबंधित जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
इस प्रकार, प्रदेश में मानसून ने भले ही देरी से दस्तक दी हो, लेकिन अब इसकी सक्रियता तेज़ हो गई है। आने वाले कुछ दिन वर्षा से भरपूर रहेंगे, जिससे जहां एक ओर गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता भी होगी।