
वाराणसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने रविवार को लहुराबीर स्थित अपने आवासीय कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर काशी लोकसभा चुनाव में “वोट चोरी” का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2024 का काशी चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मज़ाक बनाकर, फर्जी वोटिंग, मतदाता सूची में हेरफेर और सरकारी मशीनरी के खुले दुरुपयोग से भाजपा के पक्ष में मोड़ा गया।
अजय राय ने आरोप लगाया कि संगठित तरीके से फर्जी नाम मतदाता सूची में जोड़े गए और बाहरी राज्यों के लोगों को वोट डलवाया गया। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ‘विशाल सिंह’ नामक व्यक्ति का नाम एक साथ कर्नाटक और काशी दोनों जगह दर्ज है और उसने वाराणसी के कैंट विधानसभा क्षेत्र में स्थित आरएसएस संचालित विद्यालय में वोट डाला।
उन्होंने कहा कि लाखों फर्जी मतदाता भाजपा-आरएसएस के कार्यकर्ता होते हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में जाकर बार-बार मतदान करते हैं। काशी में फर्जी वोटर लिस्ट भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं द्वारा तैयार कराई गई, जिससे भाजपा भारी अंतर से जीतती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब चुनाव आयोग की नाक के नीचे हुआ, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अजय राय ने चुनाव आयोग से 8 सवाल पूछे— डिजिटल वोटर लिस्ट न देने, CCTV फुटेज मिटाने, फर्जी वोटिंग कराने, विपक्षी नेताओं को धमकाने, चुनाव आयोग की भूमिका, वाराणसी सीट के डाटा को रोकने, चुनाव वाले दिन नेताओं को नजरबंद करने और मतगणना में जानबूझकर देरी करने को लेकर जवाब मांगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह सिर्फ चुनावी घोटाला नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया सबसे बड़ा धोखा है। मोदी जी की जीत पानी की तरह पैसा बहाकर, कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपालों को प्रचार में उतारकर, और वोट चोरी से किसी तरह डेढ़ लाख वोट से संभव हो पाई। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें शामिल भ्रष्ट अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और कांग्रेस जनता के अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी।
अंत में उन्होंने आम जनता से अपील की कि वोट चोरी लोकतंत्र पर सीधा हमला है, इसलिए इसके खिलाफ आवाज उठाएं और अभियान से जुड़ें।
पत्रकार वार्ता में उपस्थित: अजय राय, राजेश्वर पटेल, संजीव सिंह, प्रमोद पाण्डेय, दुर्गाप्रसाद गुप्ता, फसाहत हुसैन बाबू, वकील अंसारी, सतनाम सिंह, रमजान अली, गुलशन अंसारी, अरुण सोनी, राजेश गुप्ता, सुनील राय, धनश्याम सिंह, किशन यादव, रोहित दुबे, विनीत चौबे आदि।