मिड डे मील की रैंडम चेकिंग जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति द्वारा नियमित बेसिस पर करना सुनिश्चित करें: सभापति समिति

नारकोटिक्स और नींद की दवाओं के दुरुपयोग पर विशेष नजर रखी जाये: सभापति

आयुर्वेदिक दुकानों पर केवल अधिकृत दवाइयों की ही बिक्री की अनुमति दी जाये: समिति

समिति द्वारा जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को पूरे बनारस में खाद्य पदार्थों में मिलावट खोरी तथा बार-बार इस्‍तेमाल होने वाले तेल के रोक हेतु लगातार अभियान चलाने के निर्देश

सभी जनपदों के जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं ड्रग इंस्पेक्टर मिलावटी खाद्य पदार्थ तथा नकली दवाओं की बिक्री पर पूर्णतया रोक लगाएं

वाराणसी। खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं के प्रचलन पर रोक लगाने के लिए शनिवार को विधान परिषद समिति की बैठक सर्किट हाउस सभागार में आयोजित हुई। यह बैठक समिति के सभापति राम गोपाल उर्फ गोपाल अंजान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिला स्तर पर स्टीयरिंग कमेटी की नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए गये। समिति ने खाद्य सुरक्षा और नकली दवाओं से जुड़े मुकदमों की समीक्षा की। सभी लंबित मामलों को निर्धारित समय में निपटाने के निर्देश दिए गए। समिति ने मानक के विपरीत पाए गए नमूनों के मामले में कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया। सभापति ने कहा कि संबंधित दुकानों और प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाने के साथ उनका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाए। साथ ही नकली दवाओं, मेडिकल स्टोर्स, दवा फैक्टरियों, ब्लड बैंक और पैथोलॉजी सेंटरों की नियमित जांच की जाए।

जनपद वाराणसी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मिड डे मील, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरित होने वाले खाद्यान्न की बीएसए वाराणसी, डीओ फूड तथा डीपीओ की संयुक्त निरीक्षण कराकर रिपोर्ट एक महीने में लखनऊ लेकर आने को निर्देशित किया। सभी जनपदों को आदेश दिया गया की मिड डे मील की रैंडम चेकिंग जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति द्वारा नियमित बेसिस पर करना सुनिश्चित करेंगे।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा प्रतिमाह लक्षित नमूने का आकड़ा नहीं प्राप्त करने पर मुख्य विकास अधिकारी को तीन सदस्यीय समिति बनाकर जांच कराने तथा संबंधित के खिलाफ स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिये। समिति द्वारा जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को पूरे बनारस में खाद्य पदार्थों में मिलावट खोरी तथा बार-बार इस्‍तेमाल होने वाले तेल के रोक हेतु लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिये।

बैठक में आयुर्वेदिक और आयुष दवाओं की गुणवत्ता तथा अस्पतालों की भी जानकारियां ली गयीं। सभापति ने निर्देश दिये कि नारकोटिक्स और नींद की दवाओं के दुरुपयोग पर विशेष नजर रखी जाए। इनके क्रय-विक्रय का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। साथ ही आयुर्वेदिक दुकानों पर केवल अधिकृत दवाइयों की ही बिक्री की अनुमति दी जाए।

समिति ने कोटे की दुकानों में खाद्यान्न व आंगनबाड़ी के टेक होम राशन, मिड डे मील में बच्चों को मिलने वाले खाने व अस्पतालों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए। समिति द्वारा आबकारी अधिकारियों से शराब की तस्करी, कच्ची शराब तथा शराब भट्टियों के प्रति लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिये गये।

इसके अलावा नर्सिंग होम में पंजीकरण संख्या, बेडों की संख्या एवं चिकित्सकों के नाम आदि विवरण स्थाई रूप से अंकित कराये जाने के लिये निर्देश दिये। जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करके लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा सकें।

चंदौली के बीएसए, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा मिड डे मील के चेकिंग की उचित जानकारी नहीं दे पाने पर समिति ने नाराजगी जताते हुए कल पूरी जानकारी के साथ मिर्जापुर जिले में समिति के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिये। डीओ फूड चंदौली को खाद्य पदार्थों की सैपलिंग संख्या को बढ़ाने के निर्देश दिये। समिति द्वारा एसपी चंदौली के कार्यों की तारीफ भी की गयी। आबकारी अधिकारी चंदौली द्वारा 12 गांव सम्वेदनशील हैं तथा शराब के अवैध कारोबार के प्रति लगातार कार्य किये जा रहे हैं।

समिति द्वारा गाजीपुर जिले के डीओ फूड को उचित जवाब नहीं दे पाने पर इनका स्थानांतरण दूरस्थ जनपद करने या मुख्यालय से संबद्ध किये जाने को पत्र प्रेषित करने को कहा।
चिकित्सा विभाग की समीक्षा के दौरान सभी मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट के लाइसेंस के नहीं चलने चाहिए। 24 घंटे खुलने वाले हॉस्पिटलों/नर्सिंग होम्स में चलने वाले मेडिकल स्टोर्स पर भी पर्याप्त संख्या में फार्मासिस्ट रहें, यह भी सुनिश्चित किया जाय।

समाज कल्याण के आश्रम पद्धति विद्यालयों में बच्चों के भोजन सामग्री का सैंपल की समय समय पर जांच करें इसी प्रकार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में भी खाद्य सुरक्षा की टीम जाकर सैंपल लेकर जांच करें। भोजन की गुणवत्ता मानक के अनुरूप सुनिश्चित रहे।
सभी जेलों में भी कैदियों के भोजन सामग्री का समय समय पर सैंपल भी जांच खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों से कराया जाय।
मा0 सभापति ने कहा कि खाद्य पदार्थ एवं औषधियां की शुद्धता सभी के आवश्यक है। अतः सभी संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी मिलावटी खाद्य सामग्री, दवाइयां न बिकने पाए।
अंत मे मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने समिति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए दिए गए निर्देशों के अनुपालन हेतु आश्वत किया।
समिति में सभापति के अलावा सदस्य के रूप में श्रीमती वंदना वर्मा, सदस्य विधान परिषद आशुतोष सिन्हा, समिति के विशेष सचिव उपस्थित रहे

इस मौके पर जिलाधिकारी गाजीपुर अविनाश कुमार, जिलाधिकारी चंदौली चंद्रमोहन गर्ग, एसपी गाजीपुर ईरज राजा, एसपी चंदौली आदित्य लांग्हे, डॉ. कौस्तुभ, मुख्य विकास अधिकारी वाराणसी हिमांशु नागपाल, सीडीओ चंदौली समेत चारों जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, सहित जनपद के संबंधित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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