
गोरखपुर समेत यूपी में करोड़ों ठगे, नासिक में वाररूम बनाकर करते वारदात
सारनाथ -वाराणसी – (काशीवार्ता)-सारनाथ पुलिस ने मंगलवार रात नासिक से दबिश के दौरान पूर्वांचल में साइबर ठगी के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया। उस पर 50 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी करने का आरोप है। वारदात के बाद फरार चल रहे साइबर अपराधी पर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया था। सारनाथ की टीम ने ऑपरेशन में इनामियां आरोपी राजेंद्र प्रसाद जायसवार, उसकी पत्नी धनौती देवी और पुत्रवधू संगीता को नासिक से गिरफ्तार किया है। आरोपी मूलतः गोरखपुर का निवासी है और इस वारदात में उसके दोस्त और परिजन भी शामिल हैं। पुलिस की माने तो वह अपने परिवार के साथ मिलकर वाराणसी, गोरखपुर सहित अन्य जिलों से ट्रेडिंग के नाम पर 50 करोड़ की साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दे चुका है। पीड़ितों के लगातार शिकायत पर सारनाथ पुलिस ने सटीक जानकारी जुटाते हुए ठगी के आरोपी को नासिक से पकड़कर सारनाथ थाने ले आई। बुधवार को एसीपी विदुष सक्सेना ने पुलिस कार्रवाई का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी की शिकायतों के बाद दरोगा अमरजीत कुमार के साथ एक टीम राजेंद्र प्रसाद और उसके परिवार की गिरफ्तार के लिए बनाई गई। साइबर सेल और सर्विलांस से उसकी लोकेशन नासिक में मिली। टीम पहुंची तो एक मकान में दबिश दी और स्थानीय पुलिस बल की मदद से राजेंद्र प्रसाद, उसकी पत्नी और पुत्रवधू को हिरासत में ले लिया। उसने बताया कि हम लोग मिलकर ट्रेडिंग के बहाने लोगों को गुमराह करते थे। उन्हें झांसे में लेकर बड़े मुनाफे का लालच देते थे।
फर्म की फर्जी साइट और बैंक डिटेल भेजकर गुमराह करते थे, इसमें रुपयों को 1 साल में 3 गुना पैसा वापस करने की बात कहते थे। झांसा देकर के फ्राड में मेरे गांव के कई लोग, रिश्तेदार आ गए और हम लोगो को पहली बार करोड़ों रुपया बिना कुछ किए कमा लिया। उनके पास से पुलिस ने नगदी और दस्तावेज बरामद किए हैं। इसमें 3 ATM कार्ड, 1 लैपटाप LENOVO कम्पनी, 3 आधार कार्ड, 1 पैनकार्ड, 2 चेक बुक, 5 मोबाइल, 1 फर्जी मोहर मय पेज 10 पासबुक, 1 चेक धनौती देवी, 1 मोहरयुक्त लेटर पैड स्टाक ब्रोकर का समेत खातों को सीज किया गया है।
