
काशीवार्ता न्यूज़।प्रयागराज में 2025 में आयोजित होने वाले महाकुंभ के दौरान कोई भी श्रद्धालु या कल्पवासी भूखे पेट नहीं सोएगा। योगी सरकार ने इस महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखते हुए मेला क्षेत्र में कई योजनाएं तैयार की हैं। श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के लिए जहां भंडारों का आयोजन होगा, वहीं मेला क्षेत्र में मुफ्त राशन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। यह योजना सुनिश्चित करेगी कि महाकुंभ में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को भोजन की कोई कमी न हो।
मेला क्षेत्र में राशन की सुविधा
महाकुंभ 2025 के दौरान कल्पवासियों और श्रद्धालुओं के लिए राशन कार्ड बनाए जाएंगे। यह सुविधा उन श्रद्धालुओं के लिए है जो महाकुंभ के दौरान कई दिनों तक मेला क्षेत्र में रुकते हैं और अपना भोजन स्वयं पकाते हैं। पहले से राशन कार्ड धारक श्रद्धालुओं को भी राशन उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा मेला क्षेत्र के सभी सेक्टर्स में कुल 160 उचित दर की राशन की दुकानों की स्थापना की जाएगी। इन दुकानों से जनवरी और फरवरी 2025 में राशन प्रदान किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
राशन की आपूर्ति की पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए मेला क्षेत्र में 5 गोडाउन भी बनाए जाएंगे। इन गोडाउनों में पर्याप्त मात्रा में राशन का भंडारण किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को समय पर राशन की आपूर्ति हो सके। इस पूरी परियोजना पर 43 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी।
जनवरी और फरवरी में राशन वितरण
महाकुंभ 2025 के दौरान जनवरी और फरवरी के महीनों में खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा दो बार राशन वितरित किया जाएगा। यह सुविधा उन कल्पवासियों के लिए विशेष रूप से है जो महाकुंभ के दौरान लंबे समय तक मेला क्षेत्र में निवास करते हैं। इन श्रद्धालुओं को राशन कार्ड बनाकर राशन प्रदान किया जाएगा। जिन श्रद्धालुओं के पास पहले से राशन कार्ड मौजूद हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इस व्यवस्था के तहत हर राशन कार्ड धारक परिवार को प्रति व्यक्ति 3 किलो गेहूं या आटा, 2 किलो चावल (फोर्टिफाइड), 2 किलो चीनी, 2 लीटर मिट्टी का तेल (प्रति राशन कार्ड) और एक घरेलू एलपीजी कनेक्शन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री के लिए अलग से आउटलेट्स भी स्थापित किए जाएंगे।
2 लाख राशन कार्ड धारकों को मिलेगा लाभ
महाकुंभ 2025 के दौरान तकरीबन 2 लाख राशन कार्ड धारकों को इस योजना का सीधा लाभ प्राप्त होगा। एक अनुमान के अनुसार, मेला क्षेत्र में लगभग 10 लाख लोग इस सुविधा से लाभान्वित हो सकेंगे। राशन की आपूर्ति की सुविधा न केवल स्थायी आबादी के लिए होगी, बल्कि अस्थायी रूप से यहां रहने वाले श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को भी मिलेगी। बड़े अखाड़ों और शिविरों में रहने वाले श्रद्धालुओं को भी इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
कल्पवासियों के लिए विशेष योजना
कल्पवासी वे श्रद्धालु होते हैं जो महाकुंभ के दौरान पूरे एक महीने तक मेला क्षेत्र में निवास करते हैं और सादा जीवन व्यतीत करते हुए धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। यह श्रद्धालु अपना भोजन स्वयं पकाते हैं, जिसके लिए उन्हें राशन की आवश्यकता होती है। सरकार की इस योजना के तहत इन कल्पवासियों को आवश्यक राशन सामग्री मुफ्त में प्रदान की जाएगी ताकि वे बिना किसी कठिनाई के अपने धार्मिक अनुष्ठान कर सकें। इसके अलावा, मेला क्षेत्र में हर सेक्टर में भंडारों का भी आयोजन किया जाएगा, जहां प्रतिदिन भोजन की व्यवस्था होगी।
5 गोडाउन और राशन की आपूर्ति
महाकुंभ के दौरान मेला क्षेत्र में राशन की आपूर्ति के लिए 5 बड़े गोडाउन बनाए जाएंगे। इन गोडाउनों में पर्याप्त मात्रा में राशन सामग्री का भंडारण होगा ताकि मेला क्षेत्र में राशन की कमी न हो। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राशन की आपूर्ति सुचारू रूप से हो और कोई भी श्रद्धालु राशन की कमी के कारण परेशान न हो।
एलपीजी सिलेंडरों की व्यवस्था
महाकुंभ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के लिए केवल खाद्यान्न ही नहीं, बल्कि एलपीजी सिलेंडर की भी व्यवस्था की जाएगी। मेला क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री के लिए विशेष आउटलेट्स लगाए जाएंगे, जहां श्रद्धालु सिलेंडर खरीद सकेंगे। साथ ही, इन सिलेंडरों को एक बार मुफ्त में रीफिल करने की सुविधा भी दी जा सकती है। इससे श्रद्धालुओं को रसोई गैस की कमी नहीं होगी और वे आसानी से अपना भोजन पका सकेंगे।
43 करोड़ की परियोजना
महाकुंभ 2025 के दौरान मेला क्षेत्र में राशन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था के लिए सरकार द्वारा 43 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। इस राशि का उपयोग राशन की दुकानों की स्थापना, गोडाउन के निर्माण, और राशन की आपूर्ति के लिए किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों।
महाकुंभ 2025 के दौरान योगी सरकार द्वारा की जा रही यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को लाभ मिलेगा। मेला क्षेत्र में मुफ्त राशन, एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता और भंडारों का आयोजन यह सुनिश्चित करेगा कि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के अपने धार्मिक अनुष्ठानों में संलग्न हो सकें और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।