विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया तीन दिन का अल्टीमेटम, बेमियादी धरने की दी चेतावनी
वाराणसी-(काशीवार्ता)-महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के विज्ञान संकाय में दुर्व्यवस्थाओं के खिलाफ छात्र गुरुवार को धरने पर बैठ गए। इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। धरनारत छात्रों ने मांगों को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेताया कि जब तक मागें पूरी नहीं होंगी तब तक धरना जारी रहेगा। छात्र आकाश सिंह ने बताया कि विज्ञान संकाय में तमाम तरह की दुर्व्यवस्थाएं हैं। शौचालय काफी गंदा है। वहीं पर्याप्त कक्षाएं भी नहीं हैं। उन्होंने प्लेसमेंट को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों का प्लेसमेंट कराने की बात कही जा रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि छात्रों को ट्रेनिंग के लिए चयनित किया गया है। उन्हें नोएडा जाकर ट्रेनिंग करनी होगी। वहीं सर्टिफिकेट के लिए 15 हजार रुपये भी देने होंगे।
बीसीए की छात्रा ने बताया कि शौचालय काफी गंदा है। कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित नहीं होती हैं। कॉमन रूम में कक्षाएं चलती हैं। प्लेसमेंट की व्यवस्था भी ठीक नहीं हैं। छात्रों का प्लेसमेंट हुआ नहीं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने घोषणा कर दिया कि प्लेसमेंट हो गया। छात्रसंघ अध्यक्ष पद के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी हर्षित ने बताया कि विज्ञान संकाय में तमाम तरह की दुश्वारियां हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही का दंश छात्र झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के प्लेसमेंट का प्रचार कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि छात्रों को सिर्फ ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। विज्ञान संकाय में न तो कक्षाए हैं और न ही स्मार्ट क्लासेज की व्यवस्था है। कंप्यूटर लैब की भी सुविधा नहीं है। लैब में छात्रों की कक्षाएं संचालित होती हैं। उन्होंने बताया कि 12 सूत्रीय मांगें हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन जब तक हमारी जायज मागें नहीं मानेगा तब तक धरना जारी रहेगा।
