महाकुंभ पहुंचे इटली के युवाओं ने की भारतीय संस्कृति की प्रशंसा

महाकुंभ की भव्यता से अभिभूत, एमा बोले – ‘पिछले जन्म में भारतीय था मैं’

प्रयागराज, 12 जनवरी।
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले की भव्यता और दिव्यता को देखने न केवल भारत के कोने-कोने से, बल्कि पूरी दुनिया से लोग यहां पहुंच रहे हैं। भारतीय संस्कृति और परंपरा से प्रभावित इटली के तीन दोस्तों ने भी इस ऐतिहासिक मेले में भाग लिया। योग प्रशिक्षक एमा और उनके दोस्त स्टीफेनो और पीटरों महाकुंभ मेले में पहली बार पहुंचे हैं और मेला परिसर में साधु-संन्यासियों के शिविरों में प्रवास कर रहे हैं। तीनों ने संन्यासी वेश धारण कर मेले की भव्यता और धार्मिक आयोजनों का आनंद लिया।

एमा, जो पेशे से योग प्रशिक्षक हैं, भारतीय संस्कृति और परंपराओं से गहराई से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, “यह मेरा पहला महाकुंभ है और यहां आकर मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मैं पिछले जन्म में भारतीय था। भारतीय संगीत, भजन, और कीर्तन मुझे बहुत पसंद हैं। यहां के लोगों की गर्मजोशी और महाकुंभ का दिव्य वातावरण मुझे अद्भुत अनुभव दे रहा है। मेला परिसर की व्यवस्थाएं बेहद शानदार हैं।”

पीटरों ने बातचीत के दौरान बताया कि वे योग के नियमित अभ्यासकर्ता हैं और भारतीय संस्कृति को थोड़ा-बहुत समझते हैं। उन्होंने कहा, “महाकुंभ सनातन धर्म का सबसे बड़ा आयोजन है। मेरे दोस्तों की योजना थी यहां आने की, तो मैंने भी उनके साथ आने का फैसला किया। यहां का माहौल और आयोजन देखकर मैं बेहद प्रभावित हूं।”

स्टीफेनो ने महाकुंभ के प्रति अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “रूस के रहने वाले मेरे कुछ साधु मित्रों ने मुझे महाकुंभ के बारे में बताया था। वे भारत आकर नागा साधु बन गए हैं। उनकी कहानियों ने मुझे महाकुंभ के लिए आकर्षित किया और मैं पहली बार यहां आया हूँ। यह अनुभव मेरे लिए बेहद खास है।”

तीनों दोस्तों ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं और भारतीय संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां के आयोजन ने उनके दिलों में विशेष स्थान बना लिया है। महाकुंभ में उनकी उपस्थिति न केवल उनकी भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी रुचि को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भारतीय परंपराएं और मूल्य विश्व स्तर पर कैसे लोगों को जोड़ रहे हैं।

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