
शारीरिक और मानसिक फिटनेस के लिए दौड़ का आयोजन, शस्त्र ड्रिल और यू.पी. 112 वाहनों की चेकिंग
काशीवार्ता न्यूज़।दिनांक 18 अक्टूबर 2024 को पुलिस अधीक्षक बलिया विक्रान्त वीर ने पुलिस लाइन बलिया के परेड ग्राउंड में शुक्रवार की परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। परेड के बाद, पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित पुलिस कर्मियों की शारीरिक और मानसिक फिटनेस पर विशेष ध्यान देते हुए दौड़ का आयोजन करवाया। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों को शारीरिक रूप से सक्रिय और मानसिक रूप से तंदरुस्त रखना था, ताकि वे बेहतर ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने यू.पी. 112 वाहनों की गहनता से चेकिंग की और इनमें तैनात पीआरवी (पब्लिक रिस्पांस व्हीकल) पुलिस कर्मियों से वाहनों में उपलब्ध दंगा नियंत्रण और सुरक्षा उपकरणों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सभी उपकरण सही स्थिति में हों और पुलिसकर्मी उन्हें कुशलता से संचालित कर सकें।
शस्त्र ड्रिल के दौरान, सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को शस्त्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें शस्त्रों के उचित उपयोग और उनकी देखरेख के बारे में जागरूक किया। शस्त्र ड्रिल का उद्देश्य यह था कि पुलिसकर्मी हर स्थिति में शस्त्रों का सही और त्वरित उपयोग कर सकें।
तत्पश्चात, पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। बैरक और मेस का निरीक्षण करते हुए उन्होंने साफ-सफाई की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन संबंधित अधिकारियों को इसे और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए।
पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन मेस में भोजन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भोजन को ग्रहण कर उसकी गुणवत्ता की जांच की। उनके द्वारा भोजन की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया गया, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए कुछ आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क के बिना पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी को प्रभावी रूप से नहीं निभा सकते। उन्होंने शारीरिक और मानसिक फिटनेस बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया और कहा कि नियमित व्यायाम और संतुलित आहार का सेवन पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता को बढ़ाता है।
इस निरीक्षण का उद्देश्य पुलिस कर्मियों को फिट और सतर्क बनाए रखना, शस्त्रों के सही उपयोग की जानकारी देना, और पुलिस वाहनों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करना था ताकि वे जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम रहें।
