
पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रमों के चलते तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान से इस्राइल पर संभावित हमले की आशंका के बीच, अमेरिका ने इस्राइल को समर्थन देने के लिए निर्देशित मिसाइल पनडुब्बी भेजी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने पनडुब्बी भेजने का आदेश जारी किया और ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप को तेजी से आगे बढ़ने के लिए कहा है।
इस्राइल ने गाजा के खान यूनिस क्षेत्र में रह रहे शरणार्थियों को स्थान खाली करने का आदेश दिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस स्थिति के चलते ब्रिटेन, फ्रांस, और जर्मनी ने ईरान को इस्राइल पर हमले के खिलाफ चेतावनी दी है।
हिजबुल्ला का उत्तरी इस्राइल पर हमला
उत्तरी इस्राइल में हिजबुल्ला ने एक बड़ा हमला किया है, जिसमें 30 से अधिक प्रक्षेपास्त्र दागे गए हैं। इस हमले में इस्राइल की हवाई सुरक्षा प्रणाली भी नाकाम रही है, हालांकि अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। हिजबुल्ला ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया है।
हमास का युद्धविराम पर रुख
वहीं, हमास ने 15 अगस्त को होने वाली युद्धविराम बैठक से बाहर रहने का निर्णय लिया है। उसने नए युद्धविराम पर चर्चा के बजाय, अमेरिका द्वारा प्रस्तावित शर्तों को लागू करने की बात कही है। इससे पहले अमेरिकी प्रस्ताव पर सहमति बन चुकी थी, लेकिन हमास ने इसे लागू करने पर जोर दिया है।
इस सभी घटनाओं से यह स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया में स्थिति अत्यधिक जटिल और संवेदनशील बनी हुई है, जिसमें विभिन्न देशों के हित और रणनीतियाँ आपस में टकरा रही हैं।