
वाराणसी।
शुक्रवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने काशी में दुनिया के सबसे बड़े घाट “नमो घाट” का लोकार्पण किया और देव दीपावली का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनकी पत्नी सुदेश धनखड़, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति ने इसे अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन बताते हुए काशीवासियों को प्रथम सिख गुरु गुरुनानक की 555वीं जयंती और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बधाई दी। उन्होंने कहा, “काशी विकास और अध्यात्म का अद्भुत समन्वय है।”
नमो घाट: विकास का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट को काशी का गौरव बताते हुए कहा कि यह सर्वांगीण विकास का मॉडल है। यह घाट 350 टन स्टील और 50 टन अष्टधातु से निर्मित है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि घाट पर सीएनजी और फ्लोटिंग मोबाइल चार्जिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं। गंगा में सभी नावों को सीएनजी में परिवर्तित कर पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है।
देव दीपावली का भव्य आयोजन
काशी के 84 घाटों पर लाखों दीपों से गंगा तट जगमगा उठा। चेतसिंह घाट पर लेजर शो और गंगा आरती ने उपस्थित जनसमूह को अभिभूत किया। भव्य आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
काशी: अध्यात्म और विकास का संगम
उपराष्ट्रपति ने कहा, “काशी जैसा सांस्कृतिक केंद्र दुनिया में कहीं नहीं।” उन्होंने स्वदेशी को अपनाने पर जोर दिया और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री ने बताया कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और नमामि गंगे योजना ने शहर को नई पहचान दी है।
देव दीपावली: त्रिपुरासुर विजय का पर्व
देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा पर मनाई जाती है, जिसे भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर राक्षस पर विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस पर्व को मोक्ष प्राप्ति और शिव कृपा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मंत्री रविंद्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र, महापौर अशोक तिवारी समेत हजारों लोग उपस्थित रहे। काशी की देव दीपावली ने वैश्विक मंच पर अपनी विशेष पहचान बना ली है।