500 साल पहले एकजुट होते, तो नहीं देखनी पड़ती गुलामी: योगी आदित्यनाथ

अयोध्या में सुग्रीव किले के श्री राजगोपुरम द्वार का अनावरण
अयोध्या, 20 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में सुग्रीव किले के श्री राजगोपुरम द्वार का अनावरण करते हुए अयोध्या के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर आयोजित संत सम्मेलन में देशभर से आए साधु-संतों को संबोधित करते हुए उन्होंने सनातन धर्म की एकता और समाज की मजबूती पर जोर दिया।

500 साल का संघर्ष और एकता का महत्व
मुख्यमंत्री योगी ने श्रीराम मंदिर निर्माण को 500 साल के लंबे संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “500 वर्षों से रुका हुआ कार्य सनातनियों की एकजुटता से केवल दो वर्षों में पूरा हो गया। अगर हमने 500 साल पहले ही एकता दिखाई होती, तो हमें गुलामी का मुंह नहीं देखना पड़ता।” उन्होंने समाज को बिखराव से बचाने और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ एकजुट रहने की अपील की।

अयोध्या के विकास पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सुग्रीव किले तक पहुंचने का मार्ग संकरा था, लेकिन अब इसे चौड़ा और सुगम बना दिया गया है। उन्होंने अयोध्या को न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र, बल्कि विश्व की सबसे सुंदर नगरी बनाने का संकल्प दोहराया।

विश्वस्तरीय सुविधाओं का विकास
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन चुका है, जो इसे वैश्विक स्तर पर जोड़ने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि अयोध्या का विकास संतों के मार्गदर्शन में हो रहा है और इसे श्रीराम के आदर्शों पर आधारित नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

संतों का मार्गदर्शन और समाज को संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा, “संतों का मार्गदर्शन अयोध्या के विकास में महत्वपूर्ण है। हमें धर्म और समाज को कमजोर करने वाले तत्वों से बचना होगा और समाज को संगठित रखना होगा।” उन्होंने देवरहा बाबा और सुग्रीव किले के पौराणिक संबंध का जिक्र करते हुए इस स्थल के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

सम्मेलन में संतों की उपस्थिति
इस अवसर पर जगद्गुरु रामानुजाचार्य पूज्यस्वामी श्रीविश्वेशप्रपन्नाचार्य जी महाराज, हनुमानगढ़ी के श्रीमहंत धर्मदास जी महाराज, श्रीमहंत रामलखन दास, महापौर गिरीशपति त्रिपाठी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अयोध्या की नई दिशा
मुख्यमंत्री ने संतों और नागरिकों से अपील की कि वे अयोध्या की धरोहर को सुरक्षित रखें और इसे विश्वस्तरीय नगरी बनाने में योगदान दें। उन्होंने संत पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज के योगदान का उल्लेख करते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अयोध्या को धर्म, संस्कृति और विकास का प्रतीक बताते हुए इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने समाज में एकता और संतों के मार्गदर्शन के महत्व पर बल दिया।

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