अयोध्या में सनातन संस्कृति के गौरवशाली पुनर्जागरण का ऐतिहासिक क्षण

सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का अभिनव प्रतीक श्री अयोध्या धाम एक बार फिर मंगलमय वातावरण में दिव्यता का साक्षी बनने जा रहा है। सदियों की प्रतीक्षा के बाद श्री राम जन्मभूमि मंदिर अब पूर्णता की ओर अग्रसर है और यह क्षण आस्था, श्रद्धा और राष्ट्रीय चेतना का अनुपम संगम बन चुका है।

करीब 500 वर्षों के धैर्य, त्याग और तपस्या के बाद वह घड़ी आ रही है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की गरिमामयी उपस्थिति में मंदिर के शिखर पर भव्य भगवा ध्वज का आरोहण किया जाएगा। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और गौरव के पुनर्स्थापन का प्रतीक माना जा रहा है।

इस विशेष अवसर पर सम्पूर्ण मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनियों, पुष्पों और पारंपरिक अलंकरणों से अयोध्या की गलियां दिव्य आभा से जगमगा रही हैं। श्रद्धालुओं में उत्साह और उमंग का माहौल है, वहीं प्रशासन भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। यह पल अयोध्या के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होने जा रहा है।

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