
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इंटरनेट पर तेजी से बढ़ रही अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अश्लील कंटेंट और आपत्तिजनक विज्ञापन दिखाने वाले उल्लू (Ullu) सहित कुल 25 मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई ऐसे ऐप्स पर की गई है, जो समाज में नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों को आघात पहुंचा रहे थे।
सरकार ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) को इन ऐप्स की पहुंच तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय का कहना है कि ये ऐप्स पोर्नोग्राफिक और अश्लील सामग्री के ज़रिए युवाओं को भ्रमित कर रहे थे और देश की डिजिटल नैतिकता को नुकसान पहुंचा रहे थे। इसके साथ ही कई ऐप्स पर गुमराह करने वाले विज्ञापन दिखाने का भी आरोप है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के अंतर्गत की गई है, जो सरकार को यह अधिकार देती है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और नैतिकता की दृष्टि से आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री पर अंकुश लगा सके।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में भी यदि कोई ऐप या वेबसाइट इस तरह की सामग्री प्रसारित करती है, तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य इंटरनेट को एक सुरक्षित और सभ्य मंच बनाना है, जहां हर वर्ग के लोग बिना किसी आपत्तिजनक सामग्री के सुरक्षित रूप से डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकें।