
11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विश्व कीर्तिमान स्थापित करने को कुलपति ने विश्वविद्यालय परिवार के साथ किया सूर्य नमस्कार
वाराणसी। 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने विश्वविद्यालय परिवार के साथ योगाभ्यास किया। विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद में आयोजित ‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग’ थीम पर आधारित योग दिवस कार्यक्रम में कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने योग के प्रचार प्रसार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे आज पूरा विश्व योग को अपना रहा है। कुलपति ने कहा कि हम सभी को योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। योग केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ होने का प्रत्यापूर्ति नहीं है अपितु यह मानसिक स्वास्थ्य भी सुनिश्चित करता है। योग की शक्ति का उपयोग हमें अपने समाज, राष्ट्र के साथ विश्व के कल्याण के लिए करना चाहिए। योग से हम एक-दूसरे से जुड़े और एक-दूसरे का ध्यान रखें। हम सबको मिलाकर मानवता को जीवित रखना है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय में दो स्थानों- क्रीड़ा परिषद एवं मानविकी संकाय में योगाभ्यास किया गया। इस दौरान कुलपति प्रो. त्यागी विश्वविद्यालय परिवार के साथ विश्व कीर्तिमान स्थापित करने हेतु सामूहिक सूर्य नमस्कार किया। इससे पहले गांधी अध्ययनपीठ सभागार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण का सजीव प्रसारण किया गया।
योग प्रशिक्षिका डॉ. चंद्रमणि ने सभी को योगाभ्यास कराया। इसमें सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, अर्ध मत्स्येंद्रासन, पश्चिमोत्तानासन, वाज्रासन, कती चक्रासन, अनुलोम विलोम प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, ओम उच्चारण एवं शांति पाठ के साथ योगाभ्यास का समापन किया गया।
इस अवसर पर नोडल समन्वयक योग एवं छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, वित्त अधिकारी एवं वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. सुधीर कुमार शुक्ल, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, निदेशक आउटरीच प्रो. संजय, एलुमनी सेल के निदेशक प्रो. नलिनी श्याम कामिल, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा, उपकुलसचिव हरीश चन्द व आनन्द कुमार मौर्य, सहायक कुलसचिव डॉ. आनन्द कुमार सिंह व सुरेन्द्र कुमार सहित विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, निदेशक, विभागाध्यक्ष, पाठ्यक्रम प्रभारी, एन.एस.एस. समन्वयक, लेफ्टिनेंट- एन.सी.सी., अध्यापकगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण, छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवक, कैडेट्स आदि उपस्थित रहे।