सिरप कांड: प्रशांत उर्फ लड्डू सहित कई और पर एफआईआर दर्ज, फर्म के लाइसेंस भी होंगे निलंबित

औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई, शीघ्र हो सकती है गिरफ्तारियां

“काशीवार्ता” ने पहले ही चेताया था, अभी और पर हो सकती है कार्रवाई

वाराणसी (काशीवार्ता)। कोडीन युक्त कफ सिरप व नॉरकोटिक्स (एनआरएक्स) श्रेणी की औषधियों के अवैध व्यापार पर औषधि विभाग, उत्तर प्रदेश ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। पिछले दिनों सप्तसागर दवा मंडी में जिस राधिका इंटरप्राइज में छापा मारा गया था, उसकी जाँच में भारी गड़बड़ी मिलने पर संचालक के ख़िलाफ एफ़आईआर दर्ज कर उसके फर्म का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। दरअसल, विभाग ने प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू की (राधिका एनर्प्राइज़) पर छापा मारकर वहाँ से
दवा के सैंपल और दस्तावेज ज़ब्त किए थे। जिसने भारी गड़बड़ी मिली है। हालांकि फर्म को पहले ही सील किया जा चुका है। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा राकेश पाठक (मेड रेमिडी), आमित जैसवाल (श्री हरी फार्मा), विशाल सोनकर (विश्वनाथ मेडिकल एजेंसी), सचिन पांडे (सोम्या मेडिकल एजेंसी), घनश्याम (श्री राम फार्मा), अभिनव यादव (खाटू फार्मा), बादल आर्य (काल भैरव ट्रेडर्स), सचिन यादव (विंध्यवासिनी ट्रेडर्स), राहुल कुमार जैसवाल (श्याम फार्मा), हिमांशु चतुर्वेदी ( वी ऐस एम फार्मा), पूजा तिवारी (पूर्णा फार्मा) पर भी अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है। जाँच में इनके खिलाफ भी पर्याप्त सबूत मिले है।

बताया जाता है कि इनके यहाँ अपर्याप्त भंडारण व्यवस्था, फ़र्म का अस्तित्व न होना, केवल अवैध “बिलिंग पॉइंट” के रूप में स्थापना, क्रय विक्रय अभिलेखों को प्रस्तुत न करने जैसी गंभीर अनियमितताये पाई गई। जिससे स्पष्ट है कि, फर्म द्वारा इन औषधियों का गैर चिकित्सकीय उपयोग हेतु बिक्री करके नशे के रूप में दुरुपयोग कराया जा रहा है। इसकी पुष्टि हो जाने पर औषधि निरीक्षकों द्वारा फ़र्मों / व्यक्ति के विरुद्ध बीएनएस ऐक्ट (भारतीय न्याय संहिता 2023) व एनडीपीएस ऐक्ट (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985) की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज करने हेतु तहरीर दी गईं हैं। जिनका विवरण निम्न तालिका में अंकित है। इन समस्त फ़र्मों के औषधि लाइसेन्स को निरस्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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