
वाराणसी – (काशीवार्ता) -संतान की दीर्घायु के लिए जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत पर माताओं ने बुधवार को निर्जला व्रत रखा। बनारस के गंगा घाटों और कुंडों पर पहुंचीं महिलाओं ने भगवान जिउतवाहन की विधि-विधान से पूजा की और अपनी संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना की। जिउतिया पर्व पर व्रती माताओं और श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मेले के आखिरी दिन मंदिर परिसर और आस-पास स्थित विष्णु व शनिदेव मंदिर सहित प्राचीन काली मां मंदिरों में भी दर्शनार्थियों ने दर्शन पूजन किया। इस पर्व के मेले को देखते हुए कुंड के आस-पास दुकानें लगाई गई थीं। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल तैनात रही।ग्रामीण क्षेत्रों में पुत्र की लंबी उम्र के लिए माताओं ने व्रत रहकर पूजा की। अजगरा में धूमधाम से पर्व मना। लोहता के सुरही, बनकट, कोरौताबाजार, बखरिया, केराकतपुर में मंदिर और तालाबों पर पूजा की गई। राजातालाब जक्खिनी, भवानीपुर, मातल देई दीपा पुर,भीम चंडी, महागांव, कृष्णदत्पूर, जयापुर, चंदापुर, राजातलाब, रानी बाजार, कचनार बीरभानपुर, आदि गांव में महिलाएं समूह में पूजा की। रोहनिया प्राचीन शिव धाम मंदिर दरेखू, बाणासुर मंदिर नरउर शूलटंकेश्वर, महादेव मंदिर माधोपुर में पूजन-अर्चन किया गया।