महंगी नहीं होगी बिजली, लगातार 5वें साल उपभोक्ताओं को सरकार ने दी राहत

काशीवार्ता न्यूज़।उत्तर प्रदेश की जनता के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बिजली की दरें नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। इस निर्णय से आम उपभोक्ता को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा प्रस्तावित बिजली दरों में वृद्धि की सिफारिशों को खारिज कर दिया है, जिससे यह लगातार पांचवा साल है जब बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

UPERC का निर्णय और उपभोक्ताओं को राहत

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने 2024-25 के लिए राज्य की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) के लिए बिजली दरों का अंतिम निर्धारण कर दिया है। आयोग के इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी श्रेणी के उपभोक्ताओं की टैरिफ दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह निर्णय घरेलू, वाणिज्यिक, औद्योगिक और अन्य सभी प्रकार के उपभोक्ताओं पर लागू होगा।

इस फैसले से प्रदेश के करोड़ों उपभोक्ताओं को राहत मिली है, क्योंकि अब उन्हें अगले साल के लिए भी बढ़ी हुई दरों का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह लगातार पांचवां वर्ष है जब उपभोक्ताओं पर बिजली दरों में वृद्धि का बोझ नहीं डाला गया है।

ग्रीन एनर्जी टैरिफ में कटौती

ऊर्जा आयोग ने ग्रीन एनर्जी टैरिफ में भी कटौती की है, जो पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पहले जहां ग्रीन एनर्जी के लिए टैरिफ 0.44 रुपए प्रति यूनिट था, अब इसे घटाकर 0.36 रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है। यह कदम सरकार की हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की नीति का हिस्सा है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है।

ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए टैरिफ रेट भी तय

इसके साथ ही, आयोग ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी टैरिफ दरें निर्धारित कर दी हैं। यह निर्णय राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का यह कदम हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। ईवी चार्जिंग स्टेशन पर तय दरें उपभोक्ताओं और व्यवसायिक इकाइयों दोनों के लिए अनुकूल मानी जा रही हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग अब अधिक किफायती हो जाएगी।

सरकार की राहत देने वाली नीति

यह कदम सरकार की उपभोक्ता केंद्रित नीतियों का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आम जनता को बिजली दरों में स्थिरता प्रदान करना है। इसके अलावा, बिजली की दरें स्थिर रखने का निर्णय प्रदेश में औद्योगिक विकास को भी प्रोत्साहित करेगा, क्योंकि कम दरों पर ऊर्जा प्राप्त होने से उद्यमों की लागत में कमी आएगी।

अंततः, उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में लगातार पांच वर्षों से कोई बढ़ोतरी न होना उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत है।

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