
काशीवार्ता न्यूज़।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत, हाल ही में कानपुर में महिला पुलिसकर्मियों के लिए “किलकारी हाउस” का शुभारंभ किया गया। यह पहल महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी को आसान बनाने के उद्देश्य से की गई है, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपनी ड्यूटी पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
किलकारी हाउस का महत्व
किलकारी हाउस का उद्घाटन पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि पुलिस विभाग में काम करने वाली महिला पुलिसकर्मियों को अपने छोटे बच्चों की देखभाल की चिंता न करनी पड़े। इस किलकारी हाउस में 1 से 5 साल तक के बच्चों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बच्चों के लिए खिलौने, पढ़ाई के सामान और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।
इससे महिला पुलिसकर्मियों को न केवल ड्यूटी के दौरान बच्चों की देखभाल करने की चिंता से मुक्ति मिलेगी, बल्कि उन्हें काम में भी प्रोत्साहन मिलेगा। डीसीपी अंकिता शर्मा ने बताया कि यह कानपुर में महिला थाना के अंतर्गत पहला किलकारी हाउस है, जो पुलिसकर्मियों के बच्चों की देखभाल करने के लिए बनाया गया है।
मिशन शक्ति का प्रभाव
यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान के फेज 5 का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इस अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जो महिलाओं के लिए सहायक सिद्ध हो रहे हैं। किलकारी हाउस जैसी सुविधाओं का शुभारंभ महिलाओं की कार्यस्थल पर सुरक्षा और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करेगा।
भविष्य की संभावनाएं
किलकारी हाउस के शुभारंभ से न केवल महिला पुलिसकर्मियों को लाभ होगा, बल्कि यह अन्य क्षेत्रों की महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा। इससे यह संदेश जाएगा कि जब महिलाएं सुरक्षित और समर्थ होंगी, तभी समाज और देश की प्रगति संभव है।
इस पहल से यह भी साबित होता है कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गंभीर है और इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। किलकारी हाउस जैसी सुविधाएं न सिर्फ पुलिसकर्मियों की, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं की भी सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम हैं।
इस तरह की योजनाएं और पहल समाज में महिलाओं की स्थिति को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, जिससे वे अपने करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बना सकें।
