
आम जिंदगियों से धड़ल्ले से हो रहा खिलवाड़, नहीं होती कोई कार्रवाई
बनारस के हर क्षेत्र में क्षीर सागर की ब्रांच, एक ही जगह से सप्लाई होती है पनीर व मिठाइयां
वाराणसी(काशीवार्ता)।शहर की तमाम डेयरियों, मिठाई की दुकानों एवं खाद्य सामग्री की बिक्री करने वाली दुकानों में मिलावटी पदार्थो की बिक्री धड़ल्ले से चल रही है। मजे की बात है कि इस ओर किसी का कोई ध्यान नहीं था। काशीवार्ता ने कई बार खबरों के माध्यम से आगाह किया, तब जाकर इस पर लगाम कसने की कवायद शुरू हुई। सबसे बड़ा सवाल इस समय आर्टिफिशियल (सिंथेटिक) दूध का है। जिससे तमाम ऐसी चीजे बनती है, जिसका सेवन हर कोई किसी ना किसी रूप में करता है। चाहे वो चाय हो या पार्टी व शादी समारोहों में मिलने वाली पनीर की सब्जियां हो। होटल या फिर रेस्टोरेंट का मेन्यू उठाइए तो सिवाय पनीर के शायद ही कोई सब्जी हो। पर किसी को क्या मालूम यह सब केमिकल से बने दूध का कमाल है। इस दिनों धड़ल्ले से ऐसे नकली दूध और पनीर की बिक्री जोरो पर है। फूड सेफ्टी विभाग को जब क्षीर सागर में उपलब्ध पनीर में मिलावटी दूध की जानकारी मिली तो उनके होश ही उड़ गए। हालांकि, अभी उक्त प्रतिष्ठान के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई या नहीं, इसकी जानकारी तो नहीं मिल सकी है, मगर इतना तो तय है कि जिसने इसका सेवन किया होगा उसका स्वास्थ्य जरूर बिगड़ सकता है।बताया जाता है कि बनारस के लगभग हर क्षेत्र में क्षीर सागर की ब्रांच है, जहां एक ही जगह से पनीर, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री की सप्लाई होती है।
लिवर व किडनी पर भी हो सकता है असर
डॉ. पीएन दुबे स्वास्थ्य विशेषज्ञ के मुताबिक, इस तरह के नकली दूध और पनीर को खाने से पेट दर्द, उल्टी और डायरिया जैसी दिक्कतों के अलावा लिवर और किडनी पर भी इसका गंभीर असर हो सकता है। इसके साथ ही यह कैंसर जैसी बीमारियों को दावत देता है। हमे किसी सर्टिफाइड डेयरी से ही दूध और पनीर लेना चाहिए और इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह प्रोडक्ट फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) से सर्टिफाइड हो।
डा. विजय कुमार की माने तो इस मामले में सरकार को भी सख्त कदम उठाना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को नियमित तौर पर जांच और छापेमारी करनी चाहिए साथ ही नकली प्रोडक्ट बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
कौशलेंद्र शर्मा खाद्य आपूर्ति अभिहित अधिकारी वाराणसी।
डेयरी और खाद्य पदार्थो की दुकानों से सैंपल लिए जा रहे है। तथा जाँच के लिए लैब भेजा जा रहा है। नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्यवाही भी की जायेगी। लगातार शहरों में हमारी फूड विभाग की टीम कार्य कर रही है।
कौशलेंद्र शर्मा खाद्य आपूर्ति अभिहित अधिकारी वाराणसी।