
वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित चार दिवसीय “महाशिवरात्रि महोत्सव” के अंतर्गत दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या भव्य, गरिमामय और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई। धाम परिसर में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और दर्शकों ने भक्ति, संगीत और शास्त्रीय कला की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयघोष और भक्ति रस से सराबोर दिखाई दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुप्रसिद्ध कलाकार अंशुमान महाराज द्वारा सरोद वादन से हुआ। उनकी मधुर और साधनापूर्ण प्रस्तुति ने वातावरण को पूरी तरह शिवमय बना दिया। सरोद की मधुर धुनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति का एहसास कराया।
इसके बाद प्रख्यात कलाकार पंडित रविशंकर मिश्र ने शास्त्रीय कथक नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उनके भाव, ताल और लय के अद्भुत सामंजस्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथक की प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपरा की झलक साफ दिखाई दी।
सांस्कृतिक संध्या की अंतिम प्रस्तुति के रूप में अंशिका सिंह द्वारा भजन संध्या प्रस्तुत की गई। शिव भजनों की मधुर स्वर लहरियों ने पूरे धाम परिसर को भक्ति भाव से भर दिया। श्रद्धालु भजनों के साथ भावविभोर होकर झूमते नजर आए।
कार्यक्रम का संचालन मीनाक्षी दीक्षित द्वारा बेहद प्रभावी और सुंदर तरीके से किया गया। उनकी स्पष्ट और भावपूर्ण प्रस्तुति ने कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप दिया।
यह सांस्कृतिक संध्या केवल कला का प्रदर्शन नहीं बल्कि काशी की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और समृद्ध विरासत का सशक्त उदाहरण बनी। आगामी दिनों में भी महोत्सव के तहत विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें श्रद्धालुओं की बड़ी सहभागिता रहने की उम्मीद है।
॥ श्री काशी विश्वनाथो विजयतेतराम् ॥
