
जीरो पावर्टी में चिन्हित पात्र परिवार के लोगों को आवास योजना में अवश्य शामिल किया जाये: डीएम
मनरेगा के तहत होने वाले वृक्षारोपण के यूकेलिप्टस और सागौन को प्राथमिकता देने व अमृत वन के लिए गोल्डमोहर जैसे छायादार वृक्ष लगाने के निर्देश
खंड विकास अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एक आजीविका केंद्र स्थापित किया जाये ताकि महिलाओं को सिलाई और पार्लर का प्रशिक्षण दिया जा सके
सभी खंड विकास अधिकारियों ये सुनिश्चित करेंगे उनके विकासखंडों की गौशाला जल जमाव वाले क्षेत्रों में नहीं हो: डीएम सत्येंद्र कुमार
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और मनरेगा के तहत होने वाले ग्राम विकास के कार्यो की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। परियोजना निदेशक ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास प्लस-2024 में लगभग 49898 आवेदन का सर्वे कार्य किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि जीरो पावर्टी में चिन्हित पात्र परिवार के लोगों को आवास योजना में अवश्य शामिल किया जाये। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि जीरो पावर्टी में शामिल लोगों को प्राथमिकता से आवास मुहैया करायें। उन्होंने मनरेगा योजना से जुड़े ग्राम पंचायतों में लम्बित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने पिछले या वर्तमान वित्तीय वर्ष में बनने वाले / बन रहे आंगनवाड़ी केंद्रों,अन्नपूर्णा भवन और अमृत सरोवरों की सूची, जो किसी विवाद की वजह से नहीं बन पा रहे हैं, संबंधित तहसील के एसडीएम को देने के लिए समस्त बीडीओ को निर्देशित किया। कहा कि जो भी निर्माण कार्य में बाँधा आ रही है उसे संबंधित विभाग से समन्वय बनाकर निस्तारण करायें। उन्होंने मनरेगा के तहत होने वाले वृक्षारोपण के यूकेलिप्टस और सागौन को प्राथमिकता देने व अमृत वन के लिए गोल्डमोहर जैसे छायादार वृक्ष लगाने के निर्देश दिए। साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराने के निर्देश दिए।
दीन दयाल उपाध्याय-राष्ट्रीय आजीविका मिशन में उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलने वाले लोन से सिलाई मशीन दिलाने या मुर्गी / बकरी पालन को प्रोत्साहित करने का निर्देश सभी बीडीओ को दिया। कहा कि सभी बीडीओ अगली बैठक तक समूह की महिलाओं को सिलाई मशीन वितरण अवश्य कराएँगे। उन्होंने सभी बीडीओ से कहा कि यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एक आजीविका केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि महिलाओं को सिलाई और पार्लर का उचित प्रशिक्षण दिया जा सके। इसके अलावा ग्राम संगठनों से समूहों को जोड़ने, बीसी सखी, विद्युत सखी, प्लांट प्रोडक्शन, सीसीएल और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना सहित अन्य योजनाओं पर चर्चा हुई।
बैठक में सभी खंड विकास अधिकारियों के साथ जनपद की गौशालाओं के संबंध में चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी खंड विकास अधिकारियों ये सुनिश्चित करेंगे उनके विकासखंडों की गौशाला जल जमाव वाले क्षेत्रों में तो नहीं है। सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए। पशुओं की जियोटैगिंग अवश्य करा ली जाए। संचालित सभी गौशालाओं का पंजीकरण करा लिया जाए। गौशालाओं से आय जनरेट करने के लिए वर्मीकम्पोस्ट सहित अन्य प्रकार की व्यवस्था पर विचार किया जाए। उन्होंने गौशालाओं के प्रोडक्टिव पशुओं की छटाई कर जरुरतमंद लोगों को सुपुर्द करने का निर्देश दिया।
बैठक में सीडीओ हिमांशु नागपाल, डीपीआरओ, पीडी डीआरडीए, डीसी एनआरएलएम/मनरेगा, सभी बीडीओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।