
वाराणसी (काशीवार्ता):वाराणसी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत, रिंग रोड के किनारे स्थित बनकट हाल्ट स्टेशन को पुनः चालू करने की मांग जोर पकड़ रही है। यह स्टेशन वाराणसी से लखनऊ और प्रयागराज जाने वाले रेलमार्ग पर, लोहता और चौखंडी स्टेशनों के बीच स्थित है। लगभग 34 वर्ष पूर्व इस स्टेशन को रेल विभाग द्वारा बंद कर दिया गया था, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बनकट हाल्ट स्टेशन के बंद होने के कारण क्षेत्र के गाँवों—बनकट, सुरही, सभईपुर, बखरिया, महेशपुर, सरहरी, कोरौती, लहिया, भड़ाँव, गोपालपुर, अलाउद्दीनपुर, ऊँचगाँव, नरैचा आदि के निवासियों को भदोही, जंघई जंक्शन, वाराणसी, प्रयागराज और प्रतापगढ़ जैसे प्रमुख स्थानों तक पहुँचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। जब यह स्टेशन चालू था, उस समय यात्री ट्रेन की आवाज और धुएं को देखकर यात्रा करते थे, क्योंकि उस वक्त संचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
हालाँकि, उस समय स्टेशन पर बुनियादी सुविधाएं—जैसे संचार, पेयजल, सड़क, शौचालय और बिजली—न होने के कारण यात्रियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता था। बावजूद इसके, यह स्टेशन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण था। अब, क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता और बनकट गाँव के निवासी विभूति नारायण पाण्डेय ने रेलवे विभाग के उच्चाधिकारियों से अपील की है कि इस स्टेशन को पुनः चालू किया जाए। उनका मानना है कि अगर यह स्टेशन फिर से चालू होता है और सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस किया जाता है, तो यह क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद सहायक सिद्ध होगा।
रिंग रोड के किनारे बन रहे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और आस-पास के जिलों से कनेक्टिविटी को देखते हुए, बनकट हाल्ट स्टेशन को पुनः चालू करने की मांग क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण होती जा रही है। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा बल्कि आस-पास के ग्राम पंचायतों के लोगों के लिए भी यह आवागमन का सुगम साधन बन सकेगा।