दीपोत्सव 2024: त्रेता युग का अनुभव कराएंगे संस्कृति विभाग के मंच

अयोध्या। दीपोत्सव 2024 का आयोजन इस बार पहले से भी अधिक भव्य और अद्वितीय रूप में होने जा रहा है। अयोध्या के भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में यह आयोजन त्रेता युग की पवित्रता और आध्यात्मिकता का अनुभव कराने के लिए तैयार है। रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद यह पहला दीपोत्सव होगा, जिससे इस पर्व की महत्ता और भी बढ़ गई है।

त्रेता युग का अनुभव

अयोध्या को त्रेता युग के स्वरूप में ढालने का कार्य तेजी से जारी है। भगवान श्रीराम के समय की आध्यात्मिकता को जीवंत करने के लिए, इस वर्ष अयोध्या में 10 बड़े सांस्कृतिक मंचों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से तीन बड़े और सात छोटे मंच होंगे, जहां आधुनिक तकनीक की सहायता से त्रेता युग की झलकियाँ प्रस्तुत की जाएंगी। इन मंचों पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को विशेष तकनीकी माध्यमों से दर्शाया जाएगा, ताकि श्रद्धालु भगवान श्रीराम के युग की पवित्रता का अनुभव कर सकें।

आधुनिक प्रदर्शनी और रामकथा पार्क

रामकथा पार्क में एक विशाल प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जहां रामायण के प्रसंगों को आधुनिक तकनीक के साथ जीवंत किया जाएगा। श्रद्धालुओं को त्रेता युग की महत्ता का अनुभव कराने के लिए इस प्रदर्शनी में रामायण की महत्वपूर्ण घटनाओं को नए अंदाज़ में प्रस्तुत किया जाएगा। यह प्रदर्शनी दीपोत्सव के मुख्य आकर्षणों में से एक होगी, जो श्रद्धालुओं को भगवान राम की जीवन यात्रा के महत्वपूर्ण पलों का अनुभव कराएगी।

अयोध्या की सजावट और सफाई

अयोध्या नगर निगम और संस्कृति विभाग मिलकर शहर की सफाई और सजावट का काम कर रहे हैं। मठों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों को विशेष रूप से सजाया जा रहा है, ताकि दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को भव्य और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके। मठ-मंदिरों की सफाई और पेंटिंग का कार्य भी तेजी से जारी है।

सांस्कृतिक मंचों का निर्माण

संस्कृति विभाग द्वारा शहर में 10 बड़े सांस्कृतिक मंच बनाए जा रहे हैं। रामकथा पार्क, गुप्तार घाट, बड़ी देवकाली, नया घाट और रामघाट जैसे प्रमुख स्थलों पर भव्य मंच तैयार हो रहे हैं। इन मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जो दीपोत्सव की शोभा को और बढ़ाएंगे। भरतकुंड, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल, नाका हनुमानगढ़ी, और धर्मपथ में भी छोटे सांस्कृतिक मंच बनाए जा रहे हैं।

अयोध्या-लखनऊ मार्ग का नवीनीकरण

दीपोत्सव 2024 के आयोजन से पहले अयोध्या को राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाले मार्ग को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। इस मार्ग के दोनों ओर रामायण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को चित्रित किया जाएगा। इस सजावट से श्रद्धालुओं को दीपोत्सव की महत्ता का अनुभव मिलेगा और इस यात्रा को आध्यात्मिकता और भव्यता का अद्वितीय संगम बनाया जाएगा।

दीपोत्सव की तिथियां और प्रमुख कार्यक्रम

दीपोत्सव 2024 के मुख्य कार्यक्रम 28 से 30 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान राम की पैड़ी पर लाखों दीप जलाए जाएंगे और प्रमुख स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। रामकथा पार्क में प्रदर्शनी और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम दीपोत्सव के मुख्य आकर्षण रहेंगे। रामनगरी की भव्य सजावट और दीपों की रोशनी से अयोध्या एक अद्वितीय आध्यात्मिक दृश्य प्रस्तुत करेगा।

त्रेता युग के स्वरूप में ढलती अयोध्या

इस वर्ष का दीपोत्सव इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद पहली बार हो रहा है। योगी सरकार के नेतृत्व में अयोध्या को त्रेता युग के स्वरूप में ढालने का यह प्रयास न केवल भव्य है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का एक अद्वितीय उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

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