नववर्ष के पहले दिन स्वर्वेद महामंदिर धाम पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

तीन लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने किया स्वर्वेद महामन्दिर का दर्शन

स्वर्वेद कथा के प्रवर्तक सुपूज्य सन्त प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज स्वयं महामंदिर पर समस्त व्यवस्थाओं की देखरेख करते रहे।

नए वर्ष का आरंभ एक शुभ संकल्प से करते हुए वाराणसी के सुप्रसिद्ध स्वर्वेद महामंदिर धाम में 1 जनवरी को लगभग 3 लाख से भी अधिक लोगों ने न सिर्फ दर्शन किया, बल्कि इनमें अनेकों ने मन के संयम हेतु विहंगम योग की अद्वितीय ध्यान-साधना पद्धति भी सीख कर अपने जीवन में एक नया आयाम जोड़ा।

अपनी अनूठी कलाकृतियों और आध्यात्मिक साधना की बदौलत प्रसिद्धि को प्राप्त हो रहे वाराणसी के उमरहाँ गाँव में स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आकर दर्शन लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

इस अद्वितीय साधना केन्द्र का लोकार्पण 1 वर्ष पूर्व भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया था और इसे इतिहास और संस्कृति का जीवंत उदाहरण बतलाया था। विगत 7 दिसंबर को विहंगम योग सन्त समाज के शताब्दी समारोह महोत्सव एवं 25,000 कुंडीय वैदिक महायज्ञ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी ने यहाँ पधार कर आश्रम संचालित निःशुल्क आवासीय गुरुकुल के विस्तारित परिसर का उद्घाटन भी किया।

स्वर्वेद महामंदिर धाम विहंगम योग के प्रणेता अनंत श्री सदगुरू सदाफलदेव जी महाराज द्वारा हिमालय की गुफा में रचित स्वर्वेद महाग्रंथ को समर्पित है। महामंदिर जन सामान्य को मूल भारतीय ऋषि संस्कृति के प्रति जागरूक कर रहा है। महामंदिर के चारों ओर अनेक ऋषियों और ऋषिकाओं की प्रतिमाओं सहित अनेक कलाकृतियाँ लगी हैं।

जबसे इस मंदिर का लोकार्पण हुआ है, यहाँ हर समुदाय एवं वर्ग के लाखों श्रद्धालुओं के आने का क्रम बढ़ता ही जा रहा है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु स्वर्वेद मंदिर पहुँचकर दर्शन लाभ प्राप्त कर रहे हैं। 1 जनवरी को महामंदिर पर सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। तीन लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने सुबह से शाम तक मंदिर का दर्शन किया। वाराणसी-गाजीपुर रोड (NH-31) पर स्थित स्वर्वेद महामंदिर पर दर्शनार्थियों की भीड़ इस कदर बढ़ी कि लगभग 5 किलोमीटर तक दिन भर धीमा ट्रैफिक लगा रहा। श्रद्धालुओं के प्रबंधन हेतु 100 से अधिक स्वयंसेवक एवं 70 पुलिस अधिकारी लगे रहे। स्वर्वेद कथा के प्रवर्तक सुपूज्य सन्त प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज स्वयं महामंदिर पर समस्त व्यवस्थाओं की देखरेख करते रहे।

महामंदिर समिति के द्वारा प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से सायं 9 बजे तक दर्शन का समय निर्धारित किया गया है। इस बीच सभी श्रद्धालु मंदिर का दर्शन पूजन कर सकते हैं।

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