
विवेचना में लापरवाही पर सीपी ने दरोगा को किया निलंबित नए कानून के मुताबिक विवेचना का निर्देश
वाराणसी -( काशीवार्ता)- सीपी ने महाकुंभ को लेकर तैयारी और अपराध समीक्षा बैठक में बड़ागांव थाने पर तैनात उपनिरीक्षक देवेंद्र दुबे को निलंबित कर दिया। देवेंद्र दूबे को अपराधिक मामलों की विवेचना में घोर लारवाही बरतने और काम में शिथिलता पाये जाने पर ये कार्रवाई की। वहीं मैनपॉवर ऑडिट के दौरान 19 स्वतंत्र शाखाओं के कार्यों में एकरूपता पाये जाने पर उन्हें भंग कर उनके कार्यों को 04 प्रकोष्ठों में समाहित किया। अलग-अलग प्रकोष्ठ जैसे डीसीआरवी में एंटी भूमाफिया सेल, नारकोटिक्स सेल, अवैध खनन व संगठित अपराध। वाचक पुलिस आयुक्त में हिस्ट्रीशीटर सेल प्रधान लिपिक शाखा में समाहित सेल ग्रिवेंसेस, प्रशिक्षण, पासपोर्ट, मानवाधिकार, ई ऑफिस व चुनाव कार्यायल सेल है। महिला अपराध में समाहित सेल ट्रांसजेंडर, मिसिंग, नारी सुरक्षा दल, महिला आयोग, विशेष किशोर इकाई, महिला सम्मान व महिला सहायता प्रकोष्ठ है।
समीक्षा बैठक में सीपी ने बताया कि महाकुंभ के पलट प्रवाह में लगभग 10 करोड़ श्रद्धालुओं के काशी आगमन की सम्भावना ऐसे में सभी जरूरी बातों व सुरक्षा, सहायता आदि का ध्यान रखकर रूपरेखा तैयार की गयी है। बताया कि ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत 19 स्वतंत्र शाखाओं को किया भंग बनाया चार प्रकोष्ठ कमिश्नरेट के 28 स्थानों पर राउण्ड द क्लाक चेकिंग के लिए निर्देशित किया गया जो ऑपरेशनल मोड पर है। संदिग्ध व्यक्ति व स्थानों की चेकिंग जारी है और इसे नियमित बनाये रखने का निर्देश दिया। ऑपरेशन सत्यापन के तहत स्ट्रीट वेंडर्स, होटल, सराय, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों का सत्यापन करने का निर्देश दिया। बताया कि सीमावर्ती थानों पर बनाई गई है 17 अस्थायी पुलिस चौकी। भीड़ प्रवन्धन हेतु विभिन्न स्थानों पर बनाये गये है होल्डिंग एरिया । यातायात व्यवस्था बनाये रखने के लिए रूट डायवर्जन प्लान के साथ ही बड़े व छोटे वाहनों की पार्किंग बनाये गये है। मातहतों को निर्देशित किया कि सड़कों पर नही बनेगा वेंडिंग जोन इसकी जांच कर सप्ताह में दो बार शनिवार व रविवार को अभियान चलायें। अभियान के दौरान
दिये चेतावनी के बाद अगर दोबारा अतिक्रमण मिले तो समान जब्त के साथ ही कानूनी कार्रवाई करें। सीपी ने बताया कि निरन्तर चेकिंग से अपराध नियंत्रण में दिखा सकारात्मक प्रभाव ऐसे में इस निर्देश की दिशा में राजपत्रित स्तर के अधिकारी ड्यूटी चेकिंग करें और ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को ब्रीफ करें।
तीन वर्षों में पकड़े गये आपराधिक गैंग (चोर, नकबजन, लूटेरे, रंगदारी व पेशेवर हत्यारे) को चिन्हित कर की जाये गुण्डा, गैंगेस्टर की कार्यवाही। थाना स्तर पर चिन्हित किये जाये अभ्यस्त एवं सक्रिय टॉप-10 अपराधी। जेल में निरूद्ध शातिर अपराधियों को भी चिन्हित निगरानी करने को कहा। इस दौरान ज्वाइंट सीपी मुख्यालय एवं अपराध डॉ. के एजिलरसन, एडिशनल सीपी लॉ एंड आर्डर डॉ. एस चन्नप्पा, तीनों जोन के डीसीपी, डीसीपी ट्रैफिक, एडीसीपी, एसीपी मौजूद रहे।