
काशीवार्ता न्यूज़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। चकबंदी कार्यों में अनियमितताओं और लेटलतीफी को लेकर तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई और कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी आरोप पत्र जारी किए गए हैं।
बांदा और महाराजगंज में कार्रवाई
बांदा के चकबंदी अधिकारी शैलेन्द्र श्रीवास्तव और महाराजगंज के सहायक चकबंदी अधिकारी अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव को चकबंदी योजना में अनियमितताओं के चलते निलंबित कर दिया गया है। इसी क्रम में, पहले से निलंबित सहायक चकबंदी अधिकारी अरुण नारायण सिंह और चकबंदी लेखपाल विकास सिंह के खिलाफ भी अतिरिक्त आरोप पत्र जारी किए गए हैं।
मुजफ्फरनगर में कार्रवाई
मुजफ्फरनगर के बंदोबस्त अधिकारी विजय कुमार को बिजनौर में चल रही चकबंदी के दौरान किसानों की शिकायत पर की गई जांच में अनियमितताएं मिलने पर निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा गोंडा के बंदोबस्त अधिकारी देवेंद्र सिंह के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
अन्य अधिकारियों पर भी गाज
आजमगढ़, मीरजापुर और मुजफ्फरनगर में कई सेवानिवृत्त और मौजूदा चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही और अनियमितता के चलते अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
