
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ-2025 की तैयारियों की समीक्षा के बाद पत्रकारों से की बातचीत
प्रयागराज, 6 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ-2025 की तैयारियों को तेज गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रयागराज में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभाग समन्वय से कार्य कर रहे हैं। महाकुंभ-2025 के आयोजन को और भी भव्य और दिव्य बनाने की योजनाएं तैयार की गई हैं, जिसमें प्रदेश के 5600 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट शामिल हैं। प्रयागराज को संपूर्ण रूप से सुंदर और व्यवस्थित बनाने का काम चल रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि 2019 में हुए कुंभ में करीब 25 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान करने आए थे। इसके अलावा 100 से अधिक देशों के राजनयिकों ने भी आयोजन में भाग लिया था और भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को नजदीक से देखा था। इस बार का आयोजन पिछले कुंभ से भी अधिक विशाल होगा, जिसमें तैयारियों को समयसीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया है।
सात हजार बसें और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सीएम योगी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सात हजार से अधिक बसें चलाई जाएंगी, ताकि किसी को एक किलोमीटर से अधिक पैदल न चलना पड़े। साथ ही, इस बार इलेक्ट्रिक बसों की भी व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अत्याधुनिक तकनीक, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे महाकुंभ के दौरान अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि संगम क्षेत्र में जल का वर्तमान स्तर 2.5 लाख क्यूसेक तक है, लेकिन इससे तैयारियों में कोई बाधा नहीं आएगी। महाकुंभ के दौरान प्रयागराज की छटा बेहद अद्वितीय होगी। इसके साथ ही, शून्य प्लास्टिक के लक्ष्य को लेकर भी कार्य हो रहा है और सीवर तथा ड्रेनेज के पानी को टेप कर उसका बायोडिग्रेडेशन द्वारा शुद्धिकरण किया जा रहा है।
साधु-संत मुख्य आयोजक
सीएम योगी ने यह भी बताया कि महाकुंभ के मुख्य आयोजक साधु-संत होते हैं, जबकि शासन-प्रशासन नैतिक व्यवस्था से जुड़ा होता है। उन्होंने हाल ही में साधु-संतों के साथ हुई बैठक के बारे में बताया, जिसमें सभी ने सकारात्मक भावना के साथ आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने की बात कही है। 13 अखाड़ों के आचार्यों और तीर्थ पुरोहितों ने भी इस बैठक में भाग लिया।
उन्होंने महाकुंभ-2025 का लोगो जारी किया, जिसमें भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का समावेश है। सीएम ने मीडिया की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि मीडिया के सहयोग से कुंभ-2019 को वैश्विक पहचान मिली थी, और इस बार भी मीडिया की सकारात्मक भूमिका से महाकुंभ-2025 विश्व मंच पर अपनी छाप छोड़ेगा।