महाकुम्भ 2025: सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं पर मुख्यमंत्री का फोकस

प्रयागराज, 23 दिसंबर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुम्भ 2025 की तैयारियों को लेकर प्रयागराज में समीक्षा बैठक की। उन्होंने महाकुम्भ को ‘स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा’ का आदर्श आयोजन बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जाएं और महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं, साधु-संतों, पर्यटकों और कल्पवासियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

सुरक्षा प्रबंधन और इंटेलिजेंस पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • पुलिस सत्यापन: प्रयागराज में टैक्सी, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का पुलिस सत्यापन किया जाएगा।
  • इंटेलिजेंस बढ़ाने पर निर्देश: यूपी पुलिस और भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखें।
  • एंटी-ड्रोन सिस्टम: पूरे मेले में सुरक्षा के दृष्टिगत एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किया जाएगा।
  • पुलिस बल का प्रशिक्षण: 20,000 पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए।
  • फुट पेट्रोलिंग और यातायात प्रबंधन: जाम की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए और फुट पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए।

सड़क और पुल निर्माण का कार्य तेज

  • सड़कों का नवीनीकरण: महाकुम्भ में सबसे अधिक श्रद्धालु सड़क मार्ग से आएंगे। सभी मार्गों का निर्माण/सुदृढ़ीकरण 5 जनवरी तक पूरा किया जाएगा।
  • अतिक्रमण मुक्त मार्ग: प्रयागराज आने वाले सभी मार्गों को अतिक्रमण मुक्त बनाया जाएगा।
  • सूबेदारगंज पुल: मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित सूबेदारगंज सेतु का निरीक्षण किया। एक लेन को खोल दिया गया है, और पूरी परियोजना मकर संक्रांति से पहले पूरी हो जाएगी।

स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान

  • 24×7 पेयजल आपूर्ति: मेला क्षेत्र में 30 दिसंबर तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
  • शौचालय और सफाई व्यवस्था: डेढ़ लाख शौचालय बनाए जाएंगे, और सफाई के लिए 10,000 कर्मचारियों की तैनाती होगी।
  • पांटून पुल: 22 पांटून पुल क्रियाशील हो गए हैं, और शेष एक सप्ताह में तैयार होंगे।

धार्मिक संस्थाओं को भूमि आवंटन

मुख्यमंत्री ने कहा कि परंपरागत धार्मिक संस्थाओं और साधु-संतों को भूमि आवंटन में प्राथमिकता दी जाए।

  • भूमि आवंटन: सभी अखाड़ों और संस्थाओं को भूमि आवंटन किया जा चुका है।
  • नए आवेदकों का सत्यापन: नई संस्थाओं को भूमि आवंटन से पहले उनका सत्यापन अनिवार्य है।

सुरक्षित और सुव्यवस्थित महाकुम्भ का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ भारतीय संस्कृति का वैश्विक मंच है। इसे स्वच्छता और सुविधा का मानक बनाया जाएगा।

  • बस सेवाएं: 7,000 से अधिक बसें श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होंगी।
  • डिवाइडर की सजावट: सड़कों की मरम्मत और डिवाइडर की सजावट इसी माह पूरी कर ली जाएगी।

जनप्रतिनिधियों से अपील

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से स्वच्छता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दुनिया के सामने भारतीय संस्कृति का सशक्त परिचय कराने का अवसर है।

महाकुम्भ की तैयारियों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

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