मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को सौंपी जिलों की जिम्मेदारी, हर चार महीने पर होगा रोटेशन

लखनऊ, 12 सितम्बर: मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में आज मंत्रिमण्डल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों को नए सिरे से जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई। मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को 25-25 जिलों का प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही हर चार महीने पर जिलों के प्रभारी मंत्रियों का रोटेशन होगा, जिससे सभी मंत्रियों को अलग-अलग जिलों में काम करने का अनुभव प्राप्त होगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में जाकर जनता से संवाद करें और उनकी समस्याओं का समाधान कराएं। मंत्रियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे हर महीने कम से कम एक बार अपने प्रभार वाले जिले का दौरा करें, वहां रात्रि विश्राम करें और विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण करें। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए एक तंत्र विकसित किया जाएगा।

हर वर्ग से संवाद और विकास कार्यों का निरीक्षण अनिवार्य

प्रभारी मंत्रियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने जिलों के दौरे के दौरान हर वर्ग के लोगों से संवाद करें। किसानों, व्यापारियों, धर्माचार्यों और अन्य समाज के प्रबुद्ध लोगों के साथ बैठकें आयोजित करना अनिवार्य होगा। बैठक में कहा गया कि जनसमस्याओं को मेरिट के आधार पर निस्तारित किया जाए और इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभाग को भेजी जाए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कानून व्यवस्था और राजस्व से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने को कहा। नामांतरण, वरासत, और अन्य राजस्व संबंधी मुद्दों की समीक्षा भी की जाएगी। साथ ही, केंद्र और राज्य की विकास परियोजनाओं और योजनाओं का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।

विकास योजनाओं और संरचनाओं का भौतिक सत्यापन

प्रभारी मंत्री अपने जिलों के दौरे के दौरान स्थानीय विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे। निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल, ग्राम सचिवालय, फेयर प्राइस शॉप और कृषि विज्ञान केंद्र जैसी जगहों का भौतिक निरीक्षण अनिवार्य होगा। साथ ही, अटल आवासीय विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय, महाविद्यालय और निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों का भी निरीक्षण किया जाएगा।

मंत्रियों को पॉलीटेक्निक और आईटीआई संस्थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जनपद में पर्यटन विकास की संभावनाओं की तलाश कर इसे बढ़ावा देने पर विचार किया जाएगा। स्थानीय उद्यमियों और बैंकर्स के साथ चर्चा कर निवेश प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी।

स्वच्छता अभियान का शुभारंभ

17 सितंबर को प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर स्वच्छता महाभियान का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें प्रभारी मंत्रियों की अपने-अपने जिलों में उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्वच्छता अभियान जनांदोलन बनना चाहिए और इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान

प्रभारी मंत्री अपने दौरे के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करेंगे। आयुष्मान कार्ड, दवाओं की उपलब्धता और अस्पतालों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का भी निरीक्षण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्राम सचिवालयों का निर्माण और गांव में तैनात कार्मिकों की उपस्थिति की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा, आकांक्षात्मक विकास खंडों की समीक्षा भी अनिवार्य रूप से की जाएगी।

यातायात और सड़क सुरक्षा की समीक्षा

मंत्रियों को अपने जिलों में यातायात समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क सुरक्षा के उपायों की समीक्षा और जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ यातायात समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को यह भी निर्देश दिया कि वे जिलों में विकास कार्यों का निरीक्षण करें और उनकी प्रगति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजें।

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