बजट 2026 विकसित भारत की मजबूत नींव: केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान

वाराणसी। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने वाराणसी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला बजट बताया। सर्किट हाउस सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग सभी के सशक्तिकरण का रोडमैप तैयार करता है और देश को तेज आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का काम करेगा।

उन्होंने बताया कि इस बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत निवेश पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय और लगभग 53 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट प्रावधान किया है, जिससे सड़क, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास होगा। इससे बड़े स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले धन पर टीसीएस टैक्स को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है, जिससे आम परिवारों को राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा को उन्होंने गरीबों के लिए बड़ी राहत बताया। वहीं बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना भी इस बजट का अहम हिस्सा है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए शी-मार्ट स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड बनाया गया है, जिससे नए व्यवसाय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही “कॉरपोरेट मित्र” ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया जाएगा ताकि कॉलेज से निकलते ही युवाओं को रोजगार मिल सके। भारत को टेक्नोलॉजी क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए चिप और सेमीकंडक्टर निर्माण हेतु 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

कृषि और मत्स्य क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है। किसानों के काजू और नारियल जैसे उत्पादों को वैश्विक ब्रांड के रूप में विकसित करने की योजना है। वहीं मछुआरों को समुद्र में पकड़ी गई मछलियों पर टैक्स से राहत देने की बात कही गई है। इसके अलावा 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की योजना भी बनाई गई है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत ने वित्तीय घाटा 4.3 प्रतिशत पर नियंत्रित रखा है, जो मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत है। साथ ही देश में पांच बड़े मेडिकल हब बनाने और रक्षा बजट बढ़ाने की भी योजना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बजट सिर्फ पांच साल नहीं बल्कि 2047 के विकसित भारत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

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