
लखनऊ में खादी महोत्सव 2025 का उद्घाटन
लखनऊ, 11 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में खादी महोत्सव 2025 का भव्य उद्घाटन किया। इस सप्ताहव्यापी महोत्सव में देशभर के खादी और हथकरघा कलाकारों ने अपनी कला और उत्पादों का प्रदर्शन किया। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने खादी को भारत का स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताते हुए इसे राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने वाली विरासत बताया।
खादी: केवल वस्त्र नहीं, स्वाभिमान का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। महात्मा गांधी ने इसे आंदोलन में बदला, जिसने आजादी की लड़ाई को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। आधुनिक युग में खादी मैनुअल, सोलर और इलेक्ट्रिक चरखों के रूप में विकसित हो रही है। यह न केवल कला बल्कि समाज की आवश्यकता भी है।
माटी कला बोर्ड: पर्यावरण संरक्षण और रोजगार का जरिया
महोत्सव में माटी कला बोर्ड द्वारा प्रस्तुत उत्पादों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मिट्टी से बने बर्तन थर्माकोल और प्लास्टिक का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प हैं। प्रजापति समुदाय के लिए तालाबों से मुफ्त मिट्टी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। माटी कला रोजगार के साथ हर घर की परंपरा का हिस्सा बन चुकी है।
शहद उत्पादन: किसानों की आय बढ़ाने का साधन
मुख्यमंत्री ने शहद उत्पादन को किसानों की आय बढ़ाने का साधन बताते हुए कहा कि यह व्यवसाय लाभदायक है और तिलहनी फसलों की उत्पादकता भी बढ़ाता है। मधुमक्खियां फसल की गुणवत्ता और मात्रा सुधारने में सहायक हैं।
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP): उत्तर प्रदेश की पहचान
सीएम योगी ने ODOP योजना की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि हर जिले का एक उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को उत्तर प्रदेश ने प्रभावी ढंग से लागू किया है। उन्होंने कहा कि ODOP स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ हस्तशिल्प और उद्यमिता को बढ़ावा दे रहा है।
स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता
सीएम योगी ने कहा कि त्योहारों में अब स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता मिल रही है। चीन निर्मित उत्पादों के स्थान पर स्थानीय हस्तशिल्प और ODOP उत्पादों का उपयोग बढ़ा है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पाद न केवल रोजगार दे रहे हैं, बल्कि भारत के विकास में भी योगदान कर रहे हैं।
कलाकारों और उद्यमियों को व्यापक मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी महोत्सव कलाकारों, बुनकरों और उद्यमियों को अपनी कला प्रदर्शित करने और नई तकनीकों को सीखने का अवसर प्रदान करता है। यह महोत्सव खादी और ग्रामोद्योग को प्रोत्साहित कर देशभर के कलाकारों और उद्यमियों को एक मंच पर ला रहा है।
खादी और हस्तशिल्प की प्रदर्शनियों का होगा विस्तार
सीएम योगी ने घोषणा की कि खादी महोत्सव की तर्ज पर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी खादी और हस्तशिल्प प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने खादी के अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग का जिक्र करते हुए इसे भारत की सांस्कृतिक धरोहर बताया।
3.5 लाख से अधिक लोगों को मिला रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 7 वर्षों में खादी के माध्यम से 3.5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। खादी उत्पाद ठंड में गर्म और गर्मी में ठंडा रखते हैं, जिससे यह समयानुकूल आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।
समारोह में प्रमाणपत्र और टूलकिट का वितरण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने माटी कला के 5 लाभार्थियों को टूलकिट और प्रमाणपत्र वितरित किए। इस अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर और अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।