
हथियार सप्लायर का एनकाउंटर, तीन आरोपी गिरफ्तार, एक मुंबई से लाया गया
वाराणसी-(काशीवार्ता)। कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम हत्याकांड में पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। तड़के हुई मुठभेड़ में पुलिस ने शूटर्स को हथियार सप्लाई करने वाले बदमाश मुकीम को दौड़ाकर पैर में गोली मारी और गिरफ्तार कर लिया। साथ ही तीन अन्य आरोपियों को भी अरेस्ट किया गया है। वहीं, एक संदिग्ध को मुंबई से पकड़कर वाराणसी लाया गया है।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने जानकारी दी कि हत्याकांड के मुख्य प्लानर और शूटर्स पैसे के लेन-देन को लेकर मिलने वाले थे। इसी दौरान फरीदपुर (सारनाथ थाना क्षेत्र) में पुलिस ने घेराबंदी की। तभी बदमाश मुकीम ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मौके से दो अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया।
इसी बीच पुलिस की एक टीम मुंबई के नाला सोपारा से गाजीपुर निवासी और मृतक महेंद्र गौतम के पूर्व कारोबारी साझेदार को हिरासत में लेकर वाराणसी पहुंची। आरोपी के महेंद्र से पुराने व्यावसायिक संबंध रहे हैं। दोनों ने मिलकर कई जमीनें खरीदी और कॉलोनी में बेची थीं। लेकिन करीब ढाई माह पहले पैसों और जमीन को लेकर विवाद हुआ और साझेदारी टूट गई। इसके बाद वह मुंबई लौट गया था। पुलिस को संदेह है कि इसी विवाद के चलते उसने हत्या की साजिश रची और शूटर्स को सुपारी दी।
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी बिल्डर के खातों से कुछ संदिग्ध बदमाशों को पैसे भेजे गए हैं। इसी आधार पर पुलिस उसकी संलिप्तता की जांच कर रही है। वहीं, आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर अवैध हिरासत का आरोप लगाते हुए मुंबई और वाराणसी दोनों जगह शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों ने सोशल मीडिया पर भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
उधर, पुलिस ने तीन संदिग्ध शूटरों की पहचान की है। इनमें दो बड़ागांव और एक जौनपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, एक रेकी करने वाले की तलाश में पुलिस टीम प्रयागराज गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ रही है और जल्द ही हत्याकांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने का दावा कर रही है।