
वाराणसी -(काशीवार्ता)-मोहित अग्रवाल ने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर साइबर अपराधों से सुरक्षा एवं ग्राहकों को साइबर जागरूक करने के संदर्भ में दिए गए आवश्यक निर्देश दिया। इस दौरान पुलिस द्वारा बैंकों को एक प्रश्नावली उपलका कराई गई है। जिन ग्राहकों द्वारा बड़े धनराशि की निकासी अथवा अपरिपक्व एफडी तोड़कर अन्य खातों में धनराशि ट्रांसफर कराई जाती है, ऐसे ग्राहकों से उक्त फॉर्म अनिवार्यरूप से भरवाया जाए, ताकि यदि वे किसी साइबर अपराधियों के जाल में फैसे हों तो समय से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। अपरिपक्व एफडी तोड़ने वालों की बैंक मौखिक रूप से भी साइबर अपराध के प्रति जागरूक करें। यदि खाताधारक अपरिपक्व एफडी तोड़कर पैसा किसी अकाउंट में ट्रांसफर करता है तो बैंक उक्त अकाउंट के विरूद्ध पैसा ट्रांफर करने से पहले यह जाँच कर लें कि उक्त अकाउंट के विरूद्ध पर कोई कम्पलेन तो दर्ज नहीं है। बैंक अपनी शाखाओं में साइवर जागरूकता से बैंक अपनी शाखाओं में साइबर जागरूकता से संबंधित फ्लेक्स बोर्ड, स्टैंडी समेत अन्य जरूरी सूचना चस्पा करे संबंधित फ्लेक्स बोर्ड, स्टैंडी एवं क्यूआर निवेश आदि से बचाव संबंधी सूचनात्मक सामग्री अनिवार्यरूप से प्रदर्शित करें, जिससे ग्राहक साइबर अपराधों के प्रति अधिक जागरूक, सजग एवं सतर्क रह सकें। किसी भी करंट अकाउंट को खोलने से पूर्व भौतिक सत्यापन अनिवार्यरूप से किया जाएगा। साइबर अपराधियों द्वारा गरीब एवं असहाय व्यक्तियों को लालच देकर म्यूल अकाउंट खुलवाए जाने की जानकारी प्राप्त होने पर बैंक अनिवार्यरूप से इसकी सूचना पुलिस से साझा करेंगे, जिससे समय रहते आवश्यक कार्यवाही की जा सके। डिजिटल अरेस्ट सहित अन्य साइबर अपराधों से बचाव लिए ग्राहकों को लगातार जागरुक किया जाए और बैंक स्तर पर संक्रिय सतर्कता बरती जाए, ताकि आमजन को ठगी से सुरक्षित रखा जा सके। बैंक अनिवार्यरूप से इनफार्मेशन शेयरिंग एवं एंटी मनी लॉड्रिग मानकों का पालन करें तथा संदिग्ध लेन-देन को गंभीरता से लेकर समय पर रिपोर्ट सुनिश्चित करें, जिससे साइबर अपराधों एवं वित्तीय अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। बैठक में डीसीपी क्राइम सरवणन टी, एडीसीपी (साइबर अपराध) नीतू एसीपी (साइबर अपराध) विदुष सक्सेना समेत बैंक अधिकारी मौजूद रहे।