बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू, यात्रियों की संख्या रही कम

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हाल ही में हरी झंडी दिखाने के बाद मंगलवार से बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस का नियमित संचालन शुरू हो गया। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह सेमी हाईस्पीड ट्रेन बनारस और मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास को नई दिशा देने की उम्मीद जगाती है।

हालांकि पहले ही दिन ट्रेन में यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम रही। बनारस से खजुराहो के लिए रवाना हुई ट्रेन में कई कोच खाली नजर आए। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक दिनों में यात्रियों की संख्या कम होना सामान्य बात है। जैसे-जैसे लोगों को इस नई सेवा की जानकारी होगी, यात्रियों की संख्या बढ़ेगी।

बनारस से खजुराहो जाने वाली 26506 वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 5:15 बजे बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 8 से रवाना हुई। यह ट्रेन वाराणसी कैंट स्टेशन पर नहीं रुकी, जिससे स्थानीय यात्रियों में नाराजगी देखी गई। यात्रियों का कहना है कि कैंट स्टेशन से चित्रकूट या विंध्याचल जाने वाली ट्रेनों की संख्या पहले से सीमित है, ऐसे में ठहराव न होना असुविधाजनक है। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।

ट्रेन विंध्याचल, प्रयागराज छिवकी, चित्रकूट धाम कर्वी, बांदा और महोबा होते हुए दोपहर 1:10 बजे खजुराहो पहुंची। वापसी में यह ट्रेन दोपहर 3:20 बजे खजुराहो से रवाना हुई। अधिकारियों का कहना है कि यह मार्ग धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत संभावनाशील है। विंध्याचल, चित्रकूट और खजुराहो जैसे तीर्थस्थलों को जोड़ने वाली यह ट्रेन “तीर्थ एक्सप्रेस” की तरह काम कर सकती है। आने वाले दिनों में इस सेवा से पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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