कला कुम्भ: कुम्भ के विकास का प्रमाणिक दस्तावेज

कुम्भ के 150 वर्षों का ऐतिहासिक दस्तावेज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुम्भ नगर के सेक्टर 7 में निर्मित कला कुम्भ का उद्घाटन किया। यह स्थल उत्तर प्रदेश की कला, संस्कृति, और पुरातत्व धरोहरों का प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करता है। कला कुम्भ में कुम्भ के 150 वर्षों के प्रशासनिक दस्तावेज, पौराणिक और ऐतिहासिक ग्रंथों की जानकारी, तथा स्मारकों और सांस्कृतिक विविधताओं का प्रदर्शन किया गया है।

5 एकड़ क्षेत्र में अनूठा आयोजन
5 एकड़ क्षेत्र में निर्मित कला कुम्भ में प्रदर्शनी स्थल के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच भी बनाया गया है। यहां भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, संरक्षित स्मारक, पांडुलिपियां और ऐतिहासिक चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। साथ ही, कुम्भ से जुड़े सभी प्रमुख दस्तावेज, चित्र और अनुकृतियां भी यहां देखी जा सकती हैं।

महाकुम्भ के ऐतिहासिक दस्तावेजों की प्रदर्शनी
कला कुम्भ में 1866 से 1954 तक के प्रशासनिक दस्तावेजों को “महाकुम्भ का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य” नामक खंड में प्रदर्शित किया गया है। इसमें प्रयागराज में आयोजित कुम्भ मेलों की व्यवस्थाओं, सुधारों और आर्थिक उपायों से संबंधित सरकारी पत्र और रिपोर्ट शामिल हैं। इन दस्तावेजों ने कुम्भ के विकास की ऐतिहासिक यात्रा को प्रमाणिक रूप से प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री ने कला कुम्भ को कुम्भ के विकास का प्रतीक और सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण दस्तावेज करार दिया।

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