
काशी में जले 21 लाख दीप, नमो घाट पर प्रज्वलित हुआ पहला दीप

देव दीपावली के पावन अवसर पर काशी की अद्वितीय भव्यता ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। वाराणसी में 21 लाख दीप जलाकर देवताओं का स्वागत किया गया। नमो घाट पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहला दीप प्रज्वलित किया। इसके बाद गंगा के 84 घाटों पर दीपों की अविरल शृंखला ने आस्था और भक्ति का अनुपम संगम प्रस्तुत किया।
गंगा आरती और क्रूज़ पर मेहमानों का स्वागत
उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने क्रूज़ पर सवार होकर गंगा महाआरती का दर्शन किया। घाटों पर हर-हर महादेव और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच पर्यटकों ने इन गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। वहीं चेत सिंह घाट पर 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पांडेय घाट पर ‘बंटोगे तो कटोगे’ स्लोगन का संदेश
देव दीपावली के विशेष आकर्षण में पांडेय घाट पर 51 हजार दीपों के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नारे ‘बंटोगे तो कटोगे’ को उकेरा गया। यह दृश्य न केवल कला का उदाहरण था बल्कि सामाजिक संदेश भी प्रदान करता रहा।
दशाश्वमेध घाट पर राष्ट्रवाद और अध्यात्म का संगम
दशाश्वमेध घाट पर महाआरती के दौरान अमर जवान ज्योति के माध्यम से वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस वर्ष आरती को कारगिल युद्ध के शहीदों को समर्पित किया गया। भगीरथ शौर्य सम्मान के तहत वीर योद्धाओं को सम्मानित किया गया।
3डी शो और ग्रीन आतिशबाजी बने आकर्षण का केंद्र
चेत सिंह घाट पर 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग शो में काशी के धार्मिक इतिहास और गंगा अवतरण की कथा का प्रदर्शन किया गया। गंगा पार रेत पर ग्रीन आतिशबाजी ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया।
श्री काशी विश्वनाथ धाम और घाटों की सजावट
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को फूलों से सजाया गया और विशेष पूजा-अर्चना की गई। घाटों और मंदिरों को आकर्षक विद्युत सजावट से रोशन किया गया। गाय के गोबर से बने तीन लाख दीपों ने भी इस आयोजन को विशेषता प्रदान की।
कड़ी सुरक्षा और यातायात प्रबंधन
देव दीपावली के लिए वाराणसी को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया। घाटों पर ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध था। एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें तैनात थीं। यातायात प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर पूरी तैयारी की गई थी।
सोशल मीडिया पर छाई देव दीपावली
DevDeepawali2024 के साथ काशी की देव दीपावली सोशल मीडिया पर ट्रेंड करती रही। विदेशी पर्यटकों ने भी इस उत्सव को सराहा। काशी ने एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक समृद्धि से विश्व को मोहित कर दिया।
काशी की देव दीपावली ने इस वर्ष परंपरा, अध्यात्म और आधुनिकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। यह आयोजन न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रशंसा का केंद्र बना।