
आज काशी विश्वनाथ मंदिर के घाट पर प्रसिद्ध वादक पद्मश्री शिवमणि जी ने अपने ड्रम का अनुपम प्रस्तुतीकरण किया। कार्यक्रम का आरंभ शिवमणि जी द्वारा माँ गंगा की विधिपूर्वक पूजन से हुआ।
पूजा के उपरांत, गंगा आरती के समय शिवमणि जी ने अपने ड्रम का वादन प्रारंभ किया। उनके सुर और ताल ने वहाँ उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वादन के साथ आरती का वातावरण और भी अधिक दिव्य तथा आलोकमय हो उठा।
संपूर्ण आरती क्षेत्र “हर हर महादेव” के उद्घोष से गूँजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने इस अद्वितीय संगम—भक्ति और संगीत—का हृदय से अनुभव किया।
यह अवसर काशी की आध्यात्मिक परंपरा और भारतीय संगीत कला के सुंदर मिलन का साक्षी बना।
