Alok Srivastava
वाराणसी(काशीवार्ता)। धर्म की नगरी काशी में कब किसका धर्म भ्रष्ट हो जाए कहा नहीं जा सकता। ऐसा हम थोड़े कह रहे हैं। दरअसल, आये दिन फ्राई मुर्गा, मछली, कलेजी की दुकानें काशी में खुलती चली जा रही हैं।
सम्बंधित विभाग आंख बंद किये पड़ा है। दुकानों पर बड़े-बड़े अच्छरों में फेमिली रेस्टोरेंट वेज एण्ड नानवेज लिखा रहता है। इन दुकानों पर किसी खाद्य सामग्री और न ही मांस-मछली की जांच होती है। गलती से यदि कोई वेज खाने के लिए पहुंच जाए तो उसका धर्म भ्रष्ट होने में चंद मिनट ही लगेंगे।
कारण जिस बर्तन में नानवेज बनाया जाता है उसी बर्तन में वेज खाने वालों के लिए नानवेज के लिए तैयार मसाले में सब्जी तैयार कर परोस दी जाती है। ऐसा ही एक मामला रविवार का लालपुर थाने के बगल में पहड़िया मंडी के गेट पर बने रेस्टोरेंट का प्रकाश में आया।
एक ही बर्तन में नानवेज और वेज
वाक्या यूं है, पहड़िया मंडी गेट के बगल में बने एक फेमिली रेस्टोरेंट में वेज खाने का आर्डर कर एक परिवार इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उसकी नजर खाना बनाने वाले कर्मचारी पर गई। देखा कि जिस बर्तन में मीट और मुर्गा बनाया जा रहा है, उसी बर्तन में कारीगर पनीर की सब्जी बना रहा है। विरोध करने पर रेस्टोरेंट का कर्मचारी उलझ गया। कहने लगा कि आपको ऐसे होटल में खाना खाने नहीं आना चाहिए। उक्त व्यक्ति ने कहा कि आपको वेज रेस्टोरेंट नहीं लिखना चाहिए तो कर्मचारी मारपीट पर आमादा हो गया। खाना खा रहे अन्य लोगों ने समझा कर मामला शांत कराया।