वाराणसी में 885 कारीगरों को 1602 मशीनें और टूलकिट वितरित

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प्रधानमंत्री Narendra Modi के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए बड़ा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवापुरी स्थित श्री गांधी आश्रम के खादी एवं ग्रामोद्योग विद्यालय परिसर में ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत 885 प्रशिक्षित कारीगरों को कुल 1602 मशीनें और टूलकिट प्रदान की गईं।

कार्यक्रम में Khadi and Village Industries Commission के अध्यक्ष मनोज कुमार की उपस्थिति रही। उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा भी इस अवसर पर मौजूद रहे। वितरित उपकरणों में 580 विद्युत चालित चाक, 400 बी-बॉक्स, फुटवियर निर्माण मशीनें, अगरबत्ती मशीन, तेल घानी, दोना-पत्तल निर्माण मशीन और वेस्ट वुड क्राफ्ट टूलकिट शामिल हैं। वर्चुअल माध्यम से लखनऊ और देहरादून में भी बी-बॉक्स वितरित किए गए।

राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन

इसी क्रम में जिला उद्यम एवं उद्योग प्रोत्साहन केंद्र, चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। प्रदर्शनी 26 फरवरी तक चलेगी और इसमें 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें 26 स्टॉल खादी उत्पादों के और 24 से अधिक ग्रामोद्योग उत्पादों के हैं।

अध्यक्ष केवीआईसी ने कहा कि खादी अब केवल वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में खादी की अहम भूमिका है। ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के विजन को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की जरूरत है।

मंडलीय कार्यालय वाराणसी की उपलब्धियां

मंडलीय कार्यालय वाराणसी के अंतर्गत 111 खादी संस्थाएं कार्यरत हैं, जिनसे 25,500 से अधिक कत्तिन, बुनकर और खादी कार्यकर्ता जुड़े हैं। पिछले चार वित्तीय वर्षों और चालू वित्तीय वर्ष (जनवरी 2026 तक) में लगभग 845 करोड़ रुपये का उत्पादन और 1,208 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई है।

ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत 2021-22 से अब तक हजारों बी-बॉक्स, विद्युत चाक, फुटवियर मशीनें, अगरबत्ती मशीन, वुड क्राफ्ट टूलकिट और सिलाई मशीनें वितरित की जा चुकी हैं।

पीएमईजीपी के तहत रोजगार सृजन

Prime Minister’s Employment Generation Programme के माध्यम से मंडलीय कार्यालय वाराणसी में 2021-22 से अब तक 10,044 इकाइयां स्थापित की गईं। इन पर 407.59 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी जारी की गई, जिससे 1.10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला।

कार्यक्रम में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्रामोद्योग योजना के लाभार्थी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना बताया गया।

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