अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई हज पॉलिसी, हाजियों के लिए कई सुविधाएं और बदलाव

लखनऊ। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई हज पॉलिसी हाजियों के लिए कई सुविधाएं और बदलाव लेकर आई है। यह नीति अगले पांच वर्षों के लिए प्रभावी होगी और इसका उद्देश्य हज यात्रा को अधिक संगठित, सुरक्षित और सुगम बनाना है।

नई पॉलिसी के तहत, हज पर जाने की आयु सीमा 18 से 65 वर्ष निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य हाजियों के लिए यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाना है, क्योंकि इस उम्र सीमा के भीतर के लोग आमतौर पर शारीरिक रूप से अधिक सक्षम होते हैं।

खादिमुल हुज्जाज, जो हज यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सहायता और मार्गदर्शन करते हैं, अब हज इंस्पेक्टर के नाम से जाने जाएंगे। यह बदलाव उनकी जिम्मेदारियों और उनके महत्व को दर्शाता है। हज इंस्पेक्टरों का मुख्य कार्य हाजियों की सहायता करना और सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो।

हज यात्रा के लिए आवेदन प्रक्रिया को भी सुगम बनाने पर जोर दिया गया है। डिजिटल माध्यमों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि आवेदन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तीव्र हो सके। इससे हाजियों को समय पर और सटीक जानकारी मिल सकेगी।

हज 2025 के लिए आवेदन फॉर्म जल्द ही जारी किए जाएंगे, ताकि इच्छुक हाजियों को पर्याप्त समय मिल सके अपनी तैयारी के लिए। मंत्रालय यह सुनिश्चित कर रहा है कि आवेदन प्रक्रिया से लेकर यात्रा तक की हर चरण में हाजियों को अधिकतम सुविधाएं प्राप्त हों।

नई हज पॉलिसी के तहत, हाजियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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